आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थायराइड एक ऐसी समस्या बन चुकी है, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करने लगती है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य लगते हैं, लेकिन समय के साथ यह वजन, नींद, मूड और एनर्जी तक को प्रभावित करने लगता है। खास बात यह है कि कई लोग दवा तो लेते हैं, लेकिन अपनी रोजाना की डाइट पर ध्यान नहीं देते। जबकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही खानपान थायराइड कंट्रोल करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। कुछ ऐसी चीजें हैं, जो शरीर में हार्मोन बैलेंस बनाए रखने के साथ थायराइड ग्रंथि को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती हैं। अगर इन्हें नियमित रूप से डाइट में शामिल किया जाए, तो शरीर ज्यादा एक्टिव और हेल्दी महसूस कर सकता है।
आखिर क्यों होती है थायराइड की परेशानी?
गर्दन के पास मौजूद तितली के आकार की ग्रंथि को थायराइड कहते हैं। यह शरीर में ऐसे हार्मोन बनाती है जो दिल, दिमाग, मेटाबॉलिज्म और कई जरूरी अंगों को कंट्रोल करते हैं। जब ये हार्मोन ज्यादा या कम बनने लगते हैं, तब थायराइड की समस्या शुरू होती है।
इस बीमारी में हाथ-पैर कांपना, ज्यादा पसीना आना, नींद न आना, दिल की धड़कन तेज होना, वजन घटना या बढ़ना और महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होना जैसे लक्षण नजर आते हैं।
थायराइड मरीजों के लिए दूध, दही, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। नियमित रूप से डेयरी प्रोडक्ट्स खाने से कमजोरी और थकान की समस्या भी कम हो सकती है।
मुलेठी सिर्फ गले के लिए ही नहीं, बल्कि थायराइड मरीजों के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं। अगर आपको हर समय थकान महसूस होती है, तो मुलेठी का सेवन राहत दे सकता है। इसे चाय, पाउडर या सीधे चबाकर भी खाया जा सकता है।
विटामिन C से भरपूर आंवला थायराइड मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। यह शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करता है और बाल झड़ने की समस्या को कम करने में मदद करता है। आंवला खाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे शरीर ज्यादा एक्टिव महसूस करता है।
सोयाबीन: हार्मोन बैलेंस का स्मार्ट फूड
सोया मिल्क, टोफू और सोयाबीन जैसे फूड्स थायराइड मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। ये शरीर में हार्मोन बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही सोया प्रोडक्ट्स आयोडीन के स्तर को कंट्रोल करने में भी सहायक माने जाते हैं।
थायराइड की समस्या में मेटाबॉलिज्म अक्सर धीमा पड़ जाता है। ऐसे में कच्चा नारियल खाना फायदेमंद हो सकता है। यह शरीर को हेल्दी फैट देता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित मात्रा में नारियल खाने से शरीर ज्यादा एक्टिव महसूस करता है।
सिर्फ दवा नहीं, सही डाइट भी है जरूरी
थायराइड को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। अगर रोजमर्रा की डाइट में हेल्दी और पोषण से भरपूर चीजें शामिल की जाएं, तो इस समस्या को काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। हालांकि किसी भी नई चीज को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।