Railway Reservation System: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को भारतीय रेलवे की नई और अपग्रेडेड रिजर्वेशन सिस्टम में बदलाव की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 40 साल पुराने मौजूदा सिस्टम से नए सिस्टम में शिफ्ट होने के दौरान यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
बता दें कि यह समीक्षा बैठक रेल भवन में आयोजित की गई, जिसमें रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद थे। रेल मंत्रालय के अनुसार, रिजर्वेशन सिस्टम, जिसे पहली बार 1986 में शुरू किया गया था, को एडवांस टेक्नोलॉजी और बढ़ी हुई क्षमता का उपयोग करके पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि भारतीय रेलवे ने 2002 में इंटरनेट आधारित टिकट बुकिंग शुरू की थी और अब देश में कुल टिकट बुकिंग का लगभग 88% ऑनलाइन टिकट बुकिंग के माध्यम से होता है।
मंत्रालय ने कहा कि पिछले साल जुलाई में लॉन्च किए गए RailOne मोबाइल एप्लिकेशन ने एक साल के अंदर 3.5 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है।
रेल मंत्रालय ने के अनुसार, "इस ऐप की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह है कि यह न केवल आम आदमी को रेलवे से संबंधित सभी जानकारी प्रदान करता है, बल्कि टिकट और अन्य सेवाओं से संबंधित शिकायतों का समाधान भी करता है।"
मंत्रालय ने आगे कहा कि अब इस ऐप में AI आधारित वेटिंग लिस्ट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी की सुविधा भी उपलब्ध है। वेटिंग लिस्ट कन्फर्म होने की सटीकता पहले 53% थी, जो अब बढ़कर 94% हो गई है।
RailOne ऐप में रिजर्व, अनरिजर्व और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग, कैंसिलेशन और रिफंड की सुविधा मिलती है। इसके साथ ही इसमें लाइव ट्रेन स्टेटस, कोच की स्थिति, प्लेटफॉर्म की जानकारी, Rail Madad के जरिए यात्री सहायता और खाना ऑर्डर करने की सुविधा भी दी गई है।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, ऐप के जरिए हर दिन लगभग 9.29 लाख टिकट बुक किए जाते हैं, जिनमें 7.2 लाख अनरिजर्व टिकट और 2.09 लाख रिजर्व टिकट शामिल हैं।
रेलवे मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे ने 2024-25 के दौरान यात्री टिकटों पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की, जो प्रति यात्री औसतन 43% की छूट के बराबर है।
मंत्रालय ने कहा, "दूसरे शब्दों में, यदि सेवा प्रदान करने की लागत 100 रुपये है, तो टिकट की कीमत केवल 57 रुपये है।"