Khargone: खरगोन पुलिस ने एक छह वर्षीय लड़के को बचाया है, जिसका अपहरण काले जादू और तथाकथित 'धन वर्षा' जैसी कुप्रथाओं से जुड़े तांत्रिक कामों के लिए किया गया था। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की मदद से चलाए गए 22 दिनों के गहन तलाशी अभियान के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक रविंद्र वर्मा ने शुक्रवार शाम को मीडियाकर्मियों को बताया कि 10 दिसंबर को सन्वाद क्षेत्र के नवोदय स्कूल रोड पर खंगवाड़ा फाटा के पास स्थित अपने घर के बाहर से बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। आरोप है कि दो लोगों ने बच्चे को क्रिकेट बैट और बॉल दिलाने का लालच देकर मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गए।
SP ने बताया, “सन्वाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और सन्वाद, बरवाहा, बेदिया, मंडलेश्वर और बल्कवाड़ा पुलिस स्टेशनों से कई टीमें गठित की गईं। इस ऑपरेशन में साइबर सेल, एफएसएल, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ, डॉग स्क्वाड और कंट्रोल रूम स्टाफ भी शामिल थे। पुलिस ने 1,000 से अधिक कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले, 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की, वन और बैकवाटर क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया और लगभग 150 लोगों से पूछताछ की।”
पीड़ित बच्चे के घर पर मिला तांत्रिक सामान
उन्होंने आगे बताया, "31 दिसंबर को पीड़ित के घर के पास बच्चे की नग्न तस्वीर, एक डायरी और तांत्रिक सामान जैसे नींबू और माला पाए गए, जो काले जादू के पहलू की ओर इशारा करते हैं।"
वर्मा ने बताया कि तस्वीर के नीचे लिखे नाम और मोबाइल नंबर बाद में भ्रामक पाए गए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान, पुलिस को एक सूचना मिली कि सुरेंद्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित नाम का एक व्यक्ति बाबा बनकर किराए के मकान में 20 दिनों से रह रहा था और केवल रात में ही बाहर निकलता था।
पुलिस ने उस पर नजर रखी और देर रात उसे बच्चे को लाते हुए देखा। पुलिस को देखते ही उसने बच्चे को वहीं छोड़ दिया और भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़ा गया। इसके बाद, तीन अन्य आरोपियों शुभम उर्फ लव यादव, रामपाल नरवारे और धन सिंह बडोले को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों का मानना था कि वे तांत्रिक काम करके धन की वर्षा कर सकते हैं और दफन सोना ढूंढ सकते हैं। पुलिस ने आगे बताया कि बच्चे को पुनासा के एक किराए के कमरे में 22 दिनों तक रखा गया और कथित तौर पर उस पर अपमानजनक तांत्रिक काम किए गए।
बता दें कि बच्चे की मां 5 साल पहले उसके पिता और दो बहनों को छोड़कर चली गई थी और वे दादा-दादी के साथ रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि उसके पिता गोवा में काम करते थे।