Cheetah Helicopter Crash: लेह से एक बुरी खबर सामने आई है। यहां के दक्षिण-पूर्व में तांगत्से के पास चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें भारतीय सेना के तीन अधिकारी घायल हो गए। यह दुर्घटना 20 मई को हुई थी और अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि, इस घटना में तीसरी डिवीजन (जिसे त्रिशूल डिवीजन के नाम से भी जाना जाता है) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सहित तीनों अधिकारी बाल-बाल बच गए और उन्हें मामूली चोटें आईं। वहीं, सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
एक सेना अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। वहीं, घटना के तुरंत बाद मेजर जनरल सचिन मेहता द्वारा ली गई एक सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
बता दें कि एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर उड़ा रहे थे, जबकि तीसरी इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सचिन मेहता एक यात्री के रूप में हेलीकॉप्टर में सवार थे।
आने वाले 10 वर्षों में इन चीता हेलीकॉप्टरों को धीरे-धीरे बदलकर उनकी जगह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के आधुनिक लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) लाए जाएंगे। यह बदलाव आर्मी एविएशन कॉर्प्स के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है।
चीता हेलीकॉप्टर को 1971 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। ऊंचाई वाले इलाकों में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते यह हिमालयी क्षेत्रों में दशकों से सेना की रीढ़ बना हुआ है। इसने कई भूमिकाएं निभाई हैं-जैसे उड़ता हुआ जीप, डाक सेवा वाहन, तोपखाने की निगरानी (आर्टिलरी स्पॉटिंग) और टोही मिशन-साथ ही यह ऊंचे हिमालय में एक महत्वपूर्ण एयर एम्बुलेंस के रूप में भी काम करता रहा है।