क्या देश में ओवरऑल है पेट्रोल-डीजल की कमी? Indian Oil का आया जवाब

कंपनी ने कहा कि उसके 42,000 से अधिक ईंधन स्टेशन हैं। इनमें आपूर्ति में रुकावट देख रहे आउटलेट्स की संख्या बेहद कम है। सरकार के मालिकाना हक वाली ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पूरे देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए हुए हैं

अपडेटेड May 23, 2026 पर 1:29 PM
Story continues below Advertisement
1-22 मई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। जंग 28 फरवरी 2026 से जारी है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल और गैस की आवाजाही लगभग बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही हैं। ऐसे में भारत में ईंधन को लेकर क्या स्थिति है? इस पर सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) का एक बयान सामने आया है। कंपनी ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल की देश में ओवरऑल कमी नहीं है। कुछ रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की कमी जरूर है लेकिन वह बहुत ही लोकल लेवल पर है और अस्थायी है। इस कमी का कारण क्षेत्रीय मांग-आपूर्ति में मेल न होना और बिक्री के बदलते पैटर्न हैं।

IOC के मुताबिक, कुछ आउटलेट्स पर बढ़ी हुई मांग के कई कारण रहे- फसल कटाई के मौसम में डीजल की खपत में मौसमी वृद्धि, प्राइवेट पेट्रोल पंपों पर रिटेल प्राइस ज्यादा होने के चलते ग्राहकों का सरकारी पंपों पर शिफ्ट होना। साथ ही सरकारी कंपनियों के आउटलेट्स पर संस्थागत खरीद में वृद्धि क्योंकि देश में थोक ईंधन की आपूर्ति की कीमतें ऊंची अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप तय की जा रही हैं।

कंपनी ने बताया कि 1-22 मई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई। डीजल की बिक्री लगभग 18 प्रतिशत बढ़ी। यह मांग में लगातार और असाधारण रूप से उच्च वृद्धि को दर्शाता है। बढ़ी हुई मांग को कंपनी पूरे देश में लगातार पूरा कर रही है।


एक बयान में IOC ने कहा कि वह ग्राहकों और आम जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई ओवरऑल कमी नहीं है। कुछ रिटेल आउटलेट्स पर देखी जा रही मौजूदा स्थिति बहुत ही लोकल लेवल पर है और अस्थायी प्रकृति की है। यह स्थिति कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में स्थानीय मांग-आपूर्ति में असंतुलन और बिक्री के पैटर्न में बदलाव के कारण उत्पन्न हुई है।

सरकारी तेल कंपनियां बरकरार रखे हैं ईंधन का पर्याप्त भंडार

कंपनी ने कहा कि उसके 42,000 से अधिक फ्यूल स्टेशन हैं। इनमें आपूर्ति में रुकावट देख रहे आउटलेट्स की संख्या बेहद कम है। ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल का स्टॉक और आपूर्ति सामान्य और पर्याप्त बने हुए हैं। IOC ने आगे कहा कि सरकार के मालिकाना हक वाली ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पूरे देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए हुए हैं। वे अलग-अलग स्थानों पर आ रही रुकावटों को दूर करने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही हैं। मांग में इस लगातार और असाधारण रूप से उच्च वृद्धि के बावजूद, इंडियन ऑयल पूरे देश में ग्राहकों की जरूरतों को लगातार पूरा कर रही है।

न करें पैनिक बाइंग

कंपनी ने उपभोक्ताओं से घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) न करने का भी आग्रह किया है। कहा है कि कंपनी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और इन छिटपुट स्थितियों से निपटने व उपभोक्ताओं को ईंधन की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठा रही है।

India Heatwave Alert: भारत में 28 मई तक भीषण लू चलने की चेतावनी, कई राज्यों में 48°C तक पहुंचा पारा, देखें फोरकास्ट

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।