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बंगाल में TMC के गढ़ में आई इस्तीफों की बाढ़! कई नगर पालिकाओं में पार्षदों ने छोड़े पद

West Bengal TMC Resign: राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मामला सिर्फ नैतिक जिम्मेदारी का नहीं है। असल में जनता स्थानीय सुविधाओं (सड़क, पानी, बिजली) से नाराज है, जमीनी स्तर पर पार्टी का जुड़ाव कमजोर हुआ है और चुनावों में झटका लगने के बाद TMC के भीतर आपसी गुटबाजी बहुत ज्यादा बढ़ गई है

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड May 26, 2026 पर 8:38 PM
बंगाल में TMC के गढ़ में आई इस्तीफों की बाढ़! कई नगर पालिकाओं में पार्षदों ने छोड़े पद
West Bengal: बंगाल में TMC के गढ़ में आई इस्तीफों की बाढ़! कई नगर पालिकाओं में पार्षदों ने छोड़े पद

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्य की कई नगर पालिकाओं में पार्षदों के सामूहिक इस्तीफों की बाढ़ आ गई है। इस सियासी उथल-पुथल के कारण कई नागरिक बोर्ड पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंच गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह बगावत उन इलाकों में हो रही है, जिन्हें टीएमसी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था।

पार्षदों के इस्तीफों का सबसे ज्यादा असर बैरकपुर के औद्योगिक इलाके में देखने को मिला है। यहां भाटपारा, कांचरापाड़ा, हलिशहर और गारुलिया जैसी नगर पालिकाएं इस संकट की चपेट में हैं।

एक साथ 16 इस्तीफे

सोमवार को 'उत्तर बैरकपुर' नगर पालिका के चेयरमैन मलय घोष समेत 16 पार्षदों ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। 23 सदस्यों वाली इस नगर पालिका में 3 पार्षदों की पहले ही मौत हो चुकी है। अब 16 और सदस्यों के छोड़ देने से यहां पूरी व्यवस्था ठप्प हो गई है और एक बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है।

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