पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदर चल रही सियासी हलचल अब सड़कों पर भी दिखने लगी है। जालंधर में हरभजन सिंह के घर के बाहर पार्टी समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने उनके घर की दीवारों पर “गद्दार” तक लिख दिया, जिससे माहौल और गरमा गया।
दरअसल, AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, अशोक मित्तल और विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं।
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने पार्टी के अंदर संकट और गहरा कर दिया है।
“हमने संविधान के तहत फैसला लिया” – चड्ढा
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्यसभा में AAP के करीब दो-तिहाई सांसदों ने संविधान के प्रावधान के तहत BJP में विलय का फैसला लिया है। इस कदम से उन्हें अपनी सदस्यता भी बचाने का रास्ता मिल गया है।
ये पूरा मामला अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर दिल्ली और पंजाब जैसे अहम राज्यों में। राघव चड्ढा जैसे युवा चेहरे, जो कभी पार्टी के मजबूत स्तंभ माने जाते थे, अब विरोध में खड़े नजर आ रहे हैं।
“पार्टी अपने रास्ते से भटक गई”
चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP अब अपने मूल सिद्धांत- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई- से दूर हो गई है। इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
इन बड़े नेताओं के जाने के बाद AAP कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। जालंधर में हरभजन सिंह के घर के बाहर हुआ प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि पार्टी के समर्थक इस फैसले से काफी आहत हैं।
कुल मिलाकर, ये घटनाक्रम सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि AAP के लिए एक बड़ा अंदरूनी संकट बनता जा रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में और साफ दिख सकता है।