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Abhishek Banerjee Attack: बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा घेरा कैसे टूटा? जानें- TMC सांसद पर जानलेवा हमले की पूरी कहानी

Abhishek Banerjee Attack: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में हुए हमले के बाद गर्दन, पीठ और कमर में दर्द की शिकायत पर एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल ने कहा कि उनकी चोटें मामूली हैं। उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 31, 2026 पर 7:45 AM
Abhishek Banerjee Attack: बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा घेरा कैसे टूटा? जानें- TMC सांसद पर जानलेवा हमले की पूरी कहानी
Abhishek Banerjee Attack: ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद सियासी पारा हाई है

Abhishek Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार (30 मई) को दुर्व्यवहार किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर अंडे, जूते तथा पत्थर फेंके। इस दौरान बनर्जी क्रिकेट हेलमेट पहनकर और अपने सहयोगियों की मदद से बड़ी मुश्किल से भीड़ के बीच से निकल सके। बाद में बनर्जी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता उन्हें जान से मारने की कोशिश कर रहे थे।

नाटकीय और अभूतपूर्व तरीके से फूटे जनता के गुस्से के तहत अज्ञात लोगों ने बनर्जी के साथ हाथापाई की। 'चोर-चोर' के नारे लगाते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की की। हालात देखते ही देखते अराजकता में तब्दील हो गए। भीड़ के कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर बनर्जी पर लात-घूंसे बरसाकर उन पर शारीरिक हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।

घटनास्थल से जुड़े वीडियो में झड़प की तीव्रता साफ झलक रही थी, जिसमें बनर्जी को भारी सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं की निगरानी में इलाके से ले जाते हुए देखा गया। सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा उपलब्ध कराया गया हेलमेट पहने टीएमसी नेता की कमीज झड़प के दौरान फट गई थी, जो घटना की हिंसक प्रकृति को दर्शाती है।

राजपुर-सोनारपुर नगरपालिका के वार्ड 9 के अंतर्गत आने वाले कामराबाद इलाके में स्थानीय महिलाओं द्वारा किए गए इस हमले को कथित तौर पर टीएमसी द्वारा संचालित गिरोहों और जबरन वसूली करने वाले गिरोहों द्वारा वर्षों से किए जा रहे उत्पीड़न और सुशान के घोर अभाव के कारण पनपे गुस्से का विस्फोट माना जा रहा है।

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