भारत ने शुक्रवार को अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफल परीक्षण किया है। इस लॉन्च ने सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल सिलिकॉन को सही साबित किया। टेस्ट के दौरान मिसाइल से जुड़े सभी तकनीकी और ऑपरेशनल मानक सही पाए गए। अग्नि-3 एक न्यूक्लियर क्षमता वाली इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 3,000 से 3,500 किलोमीटर है। इस सफल टेस्ट को भारत की न्यूक्लियर डिटरेंस यानी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारत ने अग्नि-3 मिसाइल का किया सफल परीक्षण
जानकारी के मुताबिक, लॉन्च स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड की निगरानी में किया गया, जो देश की रणनीतिक न्यूक्लियर ताकत की देखरेख करता है। अग्नि-3 एक न्यूक्लियर क्षमता वाली इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता करीब 3,000 से 3,500 किलोमीटर है। इससे भारत दुश्मन देश के अंदर गहराई में मौजूद अहम रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकता है। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस सफल परीक्षण से मिसाइल सिस्टम की विश्वसनीयता और उसकी पूरी तैयारी की पुष्टि हुई है।
हाल के समय में अग्नि सीरीज की कई दूसरी मिसाइलों का परीक्षण किया गया है, जिनमें नए और बेहतर वर्जन भी शामिल हैं। इसके बावजूद अग्नि-3 भारत की रक्षा रणनीति में आज भी बहुत अहम मानी जाती है और देश की निवारक शक्ति का एक मजबूत आधार है। अग्नि-3 एक सॉलिड फ्यूल से चलने वाली दो-स्टेज मिसाइल है। पहले चरण के खत्म होने के बाद दूसरा चरण काम करता है, जो मिसाइल को तय रास्ते पर आगे बढ़ाते हुए लक्ष्य की ओर ले जाता है। इससे मिसाइल की स्थिरता और निशाने की सटीकता बनी रहती है।
इस सफल परीक्षण के साथ भारत की भरोसेमंद रणनीतिक मिसाइल प्रणालियों की सूची में एक और मिसाइल जुड़ गई है। यह टेस्ट दिखाता है कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद मिनिमम डिटरेंस कैपिबिलिटी बनाए रखने पर लगातार ध्यान दे रहा है।