AI Summit Protest: दिल्ली पुलिस ने AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान 'भारत मंडपम' के अंदर शर्टलेस प्रोटेस्ट के सिलसिले में मध्य प्रदेश के ग्वालियर से इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। AI समिट प्रदर्शन मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी है। ग्वालियर से युवा कांग्रेस कार्यकर्ता जितेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया है। वह यूथ कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ उसकी एक फोटो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई है।
पुलिस ने कहा कि जितेंद्र यूथ कांग्रेस से जुड़ा है। कथित तौर पर उस पर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी की दो दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली।
पुलिस ने बताया कि आरोपी जितेंद्र यादव को सोमवार (23 फरवरी) सुबह मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया। इससे इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या पांच हो गई है। पिछले शुक्रवार को भारत मंडपम में 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान एक प्रदर्शनी हॉल में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कमीज उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था।
वे ऐसी टी-शर्ट लेकर घूम रहे थे जिन पर सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपे थे। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन वाले दिन युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने कहा कि मामले में एक व्यापक साजिश के पहलू से जांच की जा रही है।
इस मुद्दे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य बताया। जबकि भारतीय युवा कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताकर इसका बचाव किया।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हॉल नंबर 5 के लॉबी क्षेत्र में घुस गए और अपनी कमीजों के नीचे पहनी हुई टी-शर्ट उतारकर या हाथों में पकड़कर नारे लगाने लगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल में एंट्री करने के लिए QR कोड प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। आरोपियों ने पहले काले रंग की छतरियों पर स्टिकर चिपकाकर उन्हें चुपके से 'भारत मंडपम' में ले जाने की योजना बनाई थी।
एक सूत्र ने बताया कि हालांकि, बाद में उन्हें लगा कि काले छाते एंट्री गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने अपनी योजना बदल दी और टी-शर्ट पर छपे स्टिकर लगवाकर उन्हें अपनी कमीज के नीचे पहन लिया।
अंदर एंट्री करने के बाद उन्होंने नारे छपे टी-शर्ट के ऊपर पहनी हुई कमीजें उतार दीं। उनकी टी-शर्ट पर 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड', 'भारत-अमेरिका व्यापार समझौता' और 'एप्स्टीन फाइल्स' लिखा था। सूत्रों ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट भी की और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जांचकर्ता विरोध-प्रदर्शन के पीछे के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं। इसमें यह भी शामिल है कि टी-शर्ट पर नारे छपवाने के लिए किसने धन दिया था। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब से इस मामले के संबंध में पूछताछ की गई थी। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ के दौरान और भी नाम सामने आए हैं।