Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजीत पवार की बुधवार (28 जनवरी) सुबह पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान चार्टर्ड प्लेन के क्रैश होने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि प्लेन में सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई। इसमें पायलट और पवार के साथ के लोग शामिल थे। अजीत पवार अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक सोशल मीडिया पर एक्टिव थे। दुर्घटना से कुछ ही घंटे पहले उन्होंने फेसबुक पर अपनी आखिरी पोस्ट शेयर की थी।
अपने आखिरी फेसबुक पोस्ट में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पोस्ट में अजीत पवार ने लिखा कि लाला लाजपत राय ने देश की आजादी के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। उनकी देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
इसके अलावा, पवार ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर भी अपनी आखिरी पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने एक कैबिनेट मीटिंग के बारे में बात की और सरकार द्वारा लिए गए मुख्य फैसलों के बारे में बताया। उन्होंने पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की थी।
66 साल के पवार आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए अपने गृह क्षेत्र बारामती जा रहे थे। DGCA के अनुसार, उनका दो इंजन वाला Learjet 45 जेट बुधवार सुबह 8 बजे के तुरंत बाद मुंबई से रवाना हुआ। सुबह करीब 8:46 बजे बारामती में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी वह रनवे के पास क्रैश हो गया। प्लेन में आग लगने से सभी की मौत हो गई।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को विमान हादसे में अपने सहयोगी अजीत पवार की मृत्यु को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिस विमान दुर्घटना में पवार की जान गई, उसकी जांच की जाएगी।
शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में पवार के योगदान की सराहना की। शिंदे ने कहा कि उन्होंने विभिन्न मंत्रिमंडलों में उनके सहयोगी के रूप में कार्य किया। 2022 से 2024 तक शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रहे।
शिंदे ने कहा कि यह क्षति केवल पवार परिवार की नहीं बल्कि पूरे राज्य की है। ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह पुणे जिले में विमान दुर्घटना में 66 वर्षीय पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।
शिंदे ने कहा कि पवार का मन शुद्ध था। वह साफगोई से बात रखने वाले निडर नेता थे जिनकी प्रशासन पर अच्छी पकड़ थी। उन्होंने याद किया कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान जब उन्होंने (2024 में) ‘लाडकी बहिन योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया था तो कैसे तत्कालीन वित्त मंत्री पवार ने योजना के मद में वित्तीय व्यवस्था की थी। इसके तहत राज्य की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।