पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने इतिहास रचते हुए, ममता बनर्जी का 15 साल पुराना राज खत्म कर दिया। 207 सीटों के साथ अब बीजेपी राज्य में सरकार बनाने जा रही है। इतनी बड़ी जीत के बाद ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी बंगाल में महिला मुख्यमंत्री बना सकती है। इस बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी को सलाह देकर ये बताया कि उसे किस महिला को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने X पर एक पोस्ट किया और तंज भरे लहजे में कहा, "पश्चिम बंगाल में जब परिणाम मनमर्जी से निकाला गया है, तो भाजपाई परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री भी मनमर्जी से ही बनेगा।" इस पोस्ट में उन्होंने सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल की फोटो भी शेयर की।
उन्होंने आगे कहा, "इसीलिए ये विशेष मांग है कि इस बार ‘पर्ची’ उनके नाम की निकलनी चाहिए, जो पौराणिक काल से नारी के प्रति पुरुषवादी नकारात्मक सोच और शोषण की प्रतीक-भूमिका निभा चुकी हैं। जिन्हें भारतीय नारी का आदर्श मानने की सलाह लोहिया जी तक ने दी थी। आशा है ‘महिला आरक्षण’ के संदर्भ में इस पर अमल होगा।"
बंगाल में जीत स्पष्ट हो जाने के बाद, अब सबकी निगाहें इस अहम सवाल पर टिक गई हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल में पार्टी के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
प्रमुख दावेदारों में सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे है, जिन्होंने इससे पहले ममता बनर्जी को हराया था और राज्य में पार्टी के एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे थे। उनका नाम कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यापक रूप से चर्चा में है।
महिला मुख्यमंत्री बनने की संभावना
पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा चुनाव प्रचार का एक प्रमुख मुद्दा था, इसलिए ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी किसी महिला को मुख्यमंत्री नियुक्त करने पर विचार कर सकती है। अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली जैसे नामों पर चर्चा हो रही है।
रूपा गांगुली महाभारत में द्रौपदी की भूमिका निभाने के लिए भी जानी जाती हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।