प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में तेजी से बढ़ रहे संघर्ष और उसकी क्षेत्रीय स्थिरता व समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं पर हो रहे हमलों को लेकर अपनी चिंता जताई और भारत का रुख दोहराया।
मोदी ने लिखा, “सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान से बात की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की।" उन्होंने आगे कहा, “मैंने क्षेत्रीय ऊर्जा सुविधाओं पर हो रहे हमलों की भारत की निंदा को दोहराया।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में समुद्री आवाजाही बिना रुकावट के चलती रहे। खासकर जहाजों की सुरक्षा और व्यापारिक रास्तों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह बहुत जरूरी है।
मोदी ने लिखा, “हमने नेवीगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग लाइनों को खुला और सुरक्षित रखने की जरूरत पर सहमति जताई।”
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते क्षेत्रीय संघर्ष के बड़े केंद्र बन गए हैं। तेल, गैस और व्यापारिक माल की आवाजाही बाधित होने का डर बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस को सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए उनके लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया।
उन्होंने लिखा, “सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय की भलाई के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।”
यह फोन कॉल भारत की खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती कूटनीतिक गतिविधि को दिखाती है। नई दिल्ली अपनी ऊर्जा जरूरतों की सुरक्षा, विदेश में रह रहे भारतीयों की
रक्षा और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। यह क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।