पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या के बाद पूरे राज्य में राजनीति में उबाल देखने को मिल रहा है। बुधवार देर रात सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चंद्रनाथ राय, जब देर रात अपने घर लौट रहे थे तो उनकी गाड़ी पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस हमले में चंद्रनाथ राय को तीन गोलियां लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हत्याकांड के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त रोष देखा जा रहा है। इस बीच पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने ने टीएमसी को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया है।
भाजपा नेता ने कही बदला लेने की बात
भाजपा नेता और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। अर्जुन सिंह ने दावा किया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई है। उन्होंने इस मामले में अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए उन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। अर्जुन सिंह ने कहा, “इस हत्या की साजिश अभिषेक बनर्जी ने रची है। वे यह दिखाना चाहते हैं कि भले ही वे सत्ता में न हों, लेकिन अब भी एक मजबूत ताकत बने हुए हैं।” उन्होंने आगे चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं और उन्हें इसका जवाब जरूर मिलेगा।”
अभिषेक बनर्जी पर लगाया बड़ा आरोप
अर्जुन सिंह ने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि यह मामला चुनाव के बाद हुई हिंसा का हिस्सा है या फिर इसके पीछे अभिषेक बनर्जी की भूमिका है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या है, जिसे एक शार्पशूटर ने अंजाम दिया है। अभिषेक बनर्जी के पास कुछ ऐसे पुलिस अधिकारी हैं, जो इसी तरह के काम करते हैं।” अर्जुन सिंह ने आगे कहा, “यह सब अभिषेक बनर्जी का किया हुआ है।” हालांकि, इन आरोपों पर अब तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) या अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को राजनीतिक साजिश से जुड़ी हत्या बताया है। पार्टी का आरोप है कि इस वारदात का मकसद विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं में डर का माहौल बनाना था। चंद्रनाथ रथ लंबे समय से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे और उन्हें उनके सबसे भरोसेमंद साथियों में गिना जाता था। वे पश्चिम बंगाल में भाजपा के संगठनात्मक और राजनीतिक कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाते थे और पार्टी की कई महत्वपूर्ण गतिविधियों से जुड़े हुए थे।
हत्याकांड में अबतक हुआ ये खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके से गुजर रहे थे, तभी उनकी गाड़ी को रास्ते में रोक लिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हमलावर पहले से ही उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एक चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले एक गाड़ी ने चंद्रनाथ रथ की कार को ओवरटेक किया और उसे धीमा होने पर मजबूर कर दिया। इसके तुरंत बाद मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर उनकी गाड़ी के पास पहुंचे और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।