IndiGo flight cancellations: इंडिगो संकट के बीच रेलवे की स्पेशल ट्रेनों पर यात्रियों का आया मिक्स्ड रिएक्शन, कुछ ट्रेनें रहीं आधी खाली, आधी ओवरलोड!

IndiGo flight cancellations: इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर रद्द की गई उड़ानों से प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए भारतीय रेलवे द्वारा चलाए गए विशेष ट्रेनों को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। मंगलवार तक कुछ ट्रेनें लगभग आधी खाली थीं, जबकि कुछ क्षमता से ज्यादा भरी हुई थीं।

अपडेटेड Dec 10, 2025 पर 8:32 AM
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इंडिगो संकट के बीच रेलवे की स्पेशल ट्रेनों पर यात्रियों का आया मिक्स्ड रिएक्शन

IndiGo flight cancellations: इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर रद्द की गई उड़ानों से प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए भारतीय रेलवे द्वारा चलाए गए विशेष ट्रेनों को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। मंगलवार तक कुछ ट्रेनें लगभग आधी खाली थीं, जबकि कुछ क्षमता से ज्यादा भरी हुई थीं। भारतीय रेलवे ने फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए शनिवार से देश भर में 89 विशेष ट्रेनों की घोषणा की थी। इनमें सेंट्रल रेलवे द्वारा चलाई गई 14 स्पेशल ट्रेनें शामिल थीं, जिनमें से दो पुणे से चलकर 6 और 7 दिसंबर को बेंगलुरु और दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन पहुंचीं।

एक रेलवे सूत्र ने बताया कि दोनों सेवाओं को कम प्रतिक्रिया मिली, बेंगलुरु वाली ट्रेन में केवल 37.06% और निजामुद्दीन वाली ट्रेन में 66.57% सीटें ही भरीं। इसमें शुरुआती स्टेशन से लेकर आखिरी स्टेशन तक की सभी बुकिंग शामिल थीं।

हवाई संकट गहराने के साथ ही, रेलवे ने 8 दिसंबर के लिए पुणे से शुरू होने वाली दो और विशेष ट्रेनें चलाईं, एक बेंगलुरु के लिए और दूसरी हरियाणा के हिसार के लिए। हालांकि, इन ट्रेनों की मांग में भारी उछाल आया, बुकिंग 100% से अधिक हो गई और वेटिंग लिस्ट लंबी हो गई। रेलवे के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि हिसार जाने वाली ट्रेन में 128% बुकिंग दर्ज की गई।


अब तक चारों पुणे विशेष ट्रेनों से कुल 3,489 यात्रियों ने यात्रा की है।

अपनी उड़ानें रद्द होने के बाद ट्रेनों का विकल्प चुनने वाले कई यात्रियों ने शिकायत की कि विशेष सेवाएं भी निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। रेलवे के आधिकारिक रिकॉर्ड से पता चला है कि पुणे-बेंगलुरु स्पेशल ट्रेन चार घंटे से ज्यादा देरी से रवाना हुई।

पुणे हवाई अड्डे पर 24 घंटे से ज्यादा समय तक फंसे रहे एक एक्स यूजर सिद्धार्थ ने बताया कि आखिरकार वह पुणे-बेंगलुरु ट्रेन में सवार हुए, जो लगभग चार घंटे देरी से रवाना हुई और डेस्टिनेशन (गंतव्य) तक पहुंचने में लगभग 15 घंटे लग गए।

पुणे एयरपोर्ट पर हेल्प डेस्ट स्थापित किया गया

रेलवे अधिकारियों ने फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक जाने वाली ट्रेनों की बुकिंग में सहायता के लिए पुणे एयरपोर्ट पर एक हेल्प डेस्क स्थापित किया है। पुणे रेल डिविजन के डीसीएम और पीआरओ, हेमंत कुमार बेहरा ने बताया कि हेल्प डेस्क पर अच्छी संख्या में लोग आ रहे हैं।

उन्होंने मीडिया को बताया कि "अब तक 70 से ज्यादा यात्री हमारे पास आ चुके हैं। वे मुख्य रूप से उत्तर और पूर्व की ओर जाने वाली ट्रेनों की उपलब्धता के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, और दिल्ली और कोलकाता जाने वाली ट्रेनों पर विचार कर रहे हैं। साथ ही, वे ट्रेनों के समय और बुकिंग के तरीकों के बारे में भी पूछ रहे हैं। हम उन्हें उपलब्धता और समय सहित सभी जानकारी प्रदान कर रहे हैं। हालांकि, बुकिंग IRCTC ऐप के माध्यम से करनी होगी।"

अगर अगले हफ्ते कोलकाता जाने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस की वेटिंग चेक करें, तो AC-1 और AC-2 के टिकटों की औसत 37-40 लोगों की वेटिंग दिख रही है। दिल्ली जाने वाली झेलम एक्सप्रेस में AC-3 के लिए वेटिंग 60-70 है और AC-2 में अगले साल 2 जनवरी तक ज्यादातर दिनों में कोई टिकट उपलब्ध नहीं है। हजरत निजामुद्दीन AC दुरंतो एक्सप्रेस में AC-2 के लिए औसत वेटिंग 35-36 है और AC-1 के लिए जनवरी के पहले हफ्ते तक यह 5-10 है। पुणे–हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस में AC-2 की वेटिंग 35–59 के बीच है, और कुछ दिनों में RAC भी दिख रहा है। AC-1 में वेटिंग 2–8 है, और कुछ दिनों में "Regrets" यानी कोई सीट नहीं। AC-3 में वेटिंग 15–82 के बीच है।

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