Delhi Road Accident: बुधवार तड़के दक्षिण दिल्ली के सिरी फोर्ट के पास एक कार की टक्कर में एक टैक्सी चालक और एक यात्री की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान गिरजा लाल भारद्वाज (43) और रणजीत (30) के रूप में हुई है। सुबह करीब 4:20 बजे अगस्त क्रांति मार्ग पर दुर्घटना की सूचना PCR से मिली।
रंजीत और उसका रिश्तेदार सुमित (20), दोनों ढोल वादक थे। वे हौज खास से कैब लेकर लाजपत नगर अपने घर लौट रहे थे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंचशील फ्लाईओवर की तरफ से आ रही एक कार ने उनकी कैब को टक्कर मार दी। उस समय कैब बलबीर सक्सेना मार्ग की ओर दाहिने मुड़ रही थी। कैब में कुल तीन लोग सवार थे। तीनों को तुरंत AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि सुमित की हालत गंभीर बनी हुई है।
सड़क दुर्घटना में टैक्सी चालक की मौत, कुछ साल पहले हुए एक हादसे में उसका एक बेटा पहले से ही कोमा में है
भीषण टक्कर के कारण टैक्सी बुरी तरह क्षतिग्रस्त
टक्कर इतनी भीषण थी कि टैक्सी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके अंदर खून के धब्बे मिले। दूसरी कार का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटनास्थल पर ट्रैफिक सिग्नल और गैस कनेक्शन का खंभा भी क्षतिग्रस्त पाया गया। एक वाहन का शीशा और खून भी मौके पर पड़ा मिला।
उदय पार्क निवासी मोनिका सिंह ने बताया कि वह सुबह की सैर पर निकली थीं तभी उन्होंने यह हादसा देखा।
वाहन चालक, जिसकी पहचान उदय पार्क निवासी कृशांश कपूर (21) के रूप में हुई है, को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पुलिस को बताया कि वह पंचशील पार्क में रहने वाले अपने दोस्त से मिलकर घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपूर MBA कर रहा है और दुर्घटना में शामिल कार उसकी मां के नाम पर रजिस्टर्ड है, जो की एक रिटायर्ड शिक्षिका हैं। पुलिस ने आगे बताया, "वाहन तेज गति से चलाया जा रहा था।"
पुलिन ने बताया कि भारद्वाज खिचड़ीपुर में अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ रहता था और वह टैक्सी चालक था। उसके बेटे दीपक ने बताया कि परिवार को पुलिस का फोन आया और वे तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि उनके पिता की मृत्यु हो गई है।
उसके पिता ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे, जो उसके भाई के इलाज और अन्य खर्चों का ख्याल रखते थे। उसने बताया, "कुछ साल पहले एक सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद मेरा भाई विशाल कोमा में चला गया था। हमारे पिता ही उसे इलाज के लिए ले गए थे।"