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‘आप हिंदू हैं, यहां नहीं पढ़ा सकतीं’! AMU की प्रोफेसर का गंभीर आरोप- 27 साल से यूनिवर्सिटी में हो रहा उत्पीड़न

प्रोफेसर ने सोशल साइंस फैकल्टी के वर्तमान डीन, प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी पर उनके धर्म को लेकर बार-बार टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया है। कथित उत्पीड़न के बावजूद, प्रोफेसर कौशल ने कहा कि उन्होंने स्थिति में सुधार की उम्मीद में सालों तक पढ़ाना जारी रखा। हालांकि, अब उनका मानना ​​है कि कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता बचा है

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 09, 2026 पर 3:50 PM
‘आप हिंदू हैं, यहां नहीं पढ़ा सकतीं’! AMU की प्रोफेसर का गंभीर आरोप- 27 साल से यूनिवर्सिटी में हो रहा उत्पीड़न
AMU की प्रोफेसर का गंभीर आरोप- 27 साल से यूनिवर्सिटी में हो रहा मेरा उत्पीड़न

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की एक सीनियर प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगभग तीन दशकों से धार्मिक भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा रहा है। उनका दावा है कि लगातार पर्सनल और प्रोफेशनल लाइव में इतने तनाव के कारण उन्हें गंभीर पीड़ा झेलनी पड़ी है और इस वजह से उनका गर्भपात भी हो चुका है। राजनीति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर रचना कौशल ने वरिष्ठ अधिकारियों पर हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने ऑडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों के साथ कुलपति को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है और कहा है कि वह इस मामले में FIR दर्ज कराने की तैयारी कर रही हैं।

प्रोफेसर कौशल के अनुसार, 1998 में AMU में लेक्चरर के रूप में शामिल होने के तुरंत बाद ही उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “नियुक्ति के कुछ ही समय बाद भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो गया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी धार्मिक पहचान का इस्तेमाल एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी में मेरे खिलाफ किया जाएगा।”

उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर सालों तक दबाव बना रहा और उनके जीवन के महत्वपूर्ण दौर में यह और भी बढ़ गया। 2004 में, जब वह जुड़वां बच्चों से गर्भवती थीं, तब उन पर बहुत ज्यादा काम का बोझ और मानसिक तनाव डाला गया, जिसके कारण उनका गर्भपात हो गया।

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