Amul products: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक्सपायर हो चुके खाने-पीने की चीजों को खरीदकर उनकी एक्सपायरी डेट बदलकर उन्हें सस्ते दामों पर बेचने का एक बड़ा स्कैम सामने आया है। राजस्थान के फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने सोमवार (10 मार्च) को जयपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 150,000 किलोग्राम एक्सपायर हो चुके अमूल ब्रांड के खाने-पीने के सामान नष्ट कर दिए। अधिकारियों ने बताया कि डीलर एक्सपायरी डेट मिटाकर और दोबारा छापकर इन चीजों को बाजार में बेचने की तैयारी कर रहा था।
राज्य सरकार के हेल्पलाइन नंबर 181 पर इस मामले में शिकायत मिली थी। मेडिकल और हेल्थ डिपार्टमेंट की प्रिंसिपल सेक्रेटरी गायत्री राठौर ने बताया कि इस मामले में एक नागरिक ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि मेसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर जयपुर के खो नागोरियन इलाके में एक्सपायर हो चुके अमूल ब्रांड के खाने-पीने की चीजें बेचने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद चीफ मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर (CMHO), जयपुर II की एक टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। इस दौरान टीम को एक बड़े गोदाम में बड़ी मात्रा में खाने के कार्टन मिले, जिनमें अमूल ब्रांड के कई नॉन-डेयरी खाने के प्रोडक्ट थे। इनमें नूडल्स, केचप, मेयोनीज वगैरह शामिल थे।
ये प्रोडक्ट गुजरात के कैरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन ने बनाए थे। फिर एडवांसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सप्लाई किए थे। मेडिकल और हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने बताया कि लगभग 12,000 कार्टन एक्सपायर डेट के पाए गए।
इनमें से 3,000 कार्टन के पैकेट से एक्सपायरी डेट मिटा दी गई थी। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने इस मामले में संबंधित फर्मों को नोटिस जारी किया है। डिपार्टमेंट फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की अलग-अलग धाराओं के तहत कोर्ट में शिकायत दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।
यूट्यूब से देखकर किया था खेला
फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल के एडिशनल कमिश्नर भगवत सिंह ने कहा कि टीम इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुका खाना देखकर हैरान रह गई। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ करने पर बिजनेसमैन ने बताया कि उसने YouTube से एक्सपायर हो चुके सामान की तारीख बदलना सीखा था। सामान इतना ज्यादा था कि यह कार्रवाई चार दिनों तक चली। खराब हो चुके सामान को 27 ट्रकों में लोड किया गया। फिर कंपनी के खर्चे पर उसे नष्ट करने के लिए कूड़े के ढेर में ले जाया गया।
फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. टी. शुभमंगला ने कहा कि इस गोदाम में कथित तौर पर गैर-कानूनी खाने की बिक्री के बारे में जानकारी मिली थी। पड़ोसियों का दावा है कि 10-12 कर्मचारियों के गोदाम में घुसने के बाद शाम तक मेन गेट बंद रहा। इस दौरान किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि मेसर्स एथलीट स्टोर का फ़ूड लाइसेंस एक्सपायर हो गया था।
अधिकारियों ने कहा कि दोनों कंपनियों मेसर्स कैरा और मेसर्स एडवांसिस को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSSA), 2006 के तहत आगे की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने कंफर्म किया कि एक्सपायर हो चुके अमूल ब्रांड के सामान की एक्सपायरी डेट मिटा दी गई थी। बिजनेसमैन लगभग एक्सपायर हो चुका सामान बहुत कम दामों पर खरीदता था। आगे की कार्रवाई तक फर्म के फ़ूड बिजनेस ऑपरेशन पर रोक लगा दी गई है।