बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार जल्द ही एक बड़ा फैसला लेने वाली है। आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने कहा है कि राज्य सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने की योजना पर काम कर रही है। यह कदम उसी तरह का होगा, जैसा पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में लागू किया गया था। दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ब्लूमबर्ग से बातचीत में उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया पर दिखने वाले कंटेंट को पूरी तरह समझ नहीं पाते। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत कानून बनाना आज की जरूरत है।
नारा लोकेश ने कहा कि एक तय उम्र से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म पर नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे वहां दिखने वाले कंटेंट को सही तरह से समझ नहीं पाते। इसी वजह से बच्चों की सुरक्षा के लिए एक सख्त और मजबूत कानून की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले साल दिसंबर में एंथनी अल्बनीज की सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए टिकटॉक, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और स्नैपचैट जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इस नियम के तहत बच्चे नए अकाउंट नहीं बना सकते और जिनके अकाउंट पहले से हैं, उन्हें बंद करना होगा।
ऑस्ट्रेलिया में लगा है बैन
बता दें कि पिछले साल दिसंबर में एंथनी अल्बानीज की सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए टिकटॉक, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और स्नैपचैट जैसी बड़ी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इस नियम के तहत बच्चे न तो नए अकाउंट बना सकते थे और न ही पुराने अकाउंट चालू रख सकते थे, उन्हें डीएक्टिवेट करना पड़ता था। इस फैसले का समर्थन करते हुए तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रेड्डी ने कहा कि पिछली YSR कांग्रेस पार्टी सरकार के समय सोशल मीडिया का कई बार गलत इस्तेमाल हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक हमलों के लिए सोशल मीडिया का खुलेआम दुरुपयोग किया गया था।
दीपक रेड्डी ने कहा कि एक तय उम्र से कम बच्चे भावनात्मक रूप से इतने समझदार नहीं होते कि वे इंटरनेट पर आसानी से मिलने वाले नकारात्मक और नुकसानदायक कंटेंट को सही तरह से समझ सकें। इसी वजह से आंध्र प्रदेश सरकार दुनिया के अच्छे उदाहरणों का अध्ययन कर रही है और ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाए गए सोशल मीडिया कानून को भी देख रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस कदम को सरकारी दखल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि इसका असली मकसद बच्चों को खराब कंटेंट और ऑनलाइन नेगेटिविटी से सुरक्षित रखना है।