Get App

अंकिता भंडारी हत्‍याकांड में बड़ा अपडेट, मामले की होगी सीबीआई जांच, धामी सरकार ने की सिफारिश

Ankita Bhandari Murder Case: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात भी की थी। उन्होंने साफ कहा कि उत्तराखंड सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि परिवार की सभी मांगों पर कानूनी, निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की जाएगी और न्याय दिलाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 09, 2026 पर 10:51 PM
अंकिता भंडारी हत्‍याकांड में बड़ा अपडेट, मामले की होगी सीबीआई जांच, धामी सरकार ने की सिफारिश
सरकार ने अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है।

Ankita Bhandari Murder Case : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है। यह फैसला अंकिता के माता-पिता की मांग के बाद लिया गया, जिन्होंने इस केस की केंद्रीय जांच की अपील की थी। यह अनुमति ऐसे समय पर दी गई है, जब मामले को लेकर लोगों के बीच लगातार सवाल उठ रहे थे और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही थी। अब उम्मीद की जा रही है कि CBI जल्द ही इस केस की जांच अपने हाथ में ले लेगी और पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात भी की थी। उन्होंने साफ कहा कि उत्तराखंड सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि परिवार की सभी मांगों पर कानूनी, निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की जाएगी और न्याय दिलाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

19 साल की अंकिता की हुई थी हत्या

19 साल की अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। वह करीब छह दिनों तक लापता रही। इसके बाद 24 सितंबर 2022 को उसका शव ऋषिकेश में चिल्ला नहर से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद अंकिता को नहर में धक्का दे दिया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक और बीजेपी से निकाले गए नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भी पकड़ा गया था। बाद में तीनों को इस मामले में दोषी पाया गया।

तीन आरोपियों को हुई है सजा

30 मई 2025 को उत्तराखंड की एक अदालत ने इस मामले में तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई। यह फैसला कोटद्वार में स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया। हालांकि अदालत के इस फैसले के बाद भी, पिछले कुछ हफ्तों में CBI जांच की मांग फिर से तेज हो गई। इसकी वजह यह रही कि बीजेपी से निष्कासित विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनवार ने हत्या के मामले में किसी एक “VIP” की भूमिका होने का आरोप लगाया। इसी आरोप के बाद इस केस में दोबारा गहराई से जांच कराने की मांग उठने लगी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें