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सरकारी बंगले पर छिड़ी सियासी जंग, CM सम्राट चौधरी का आदेश और राबड़ी देवी ने दी ये चुनौती

राबड़ी देवी ने इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी इच्छा से सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी। सरकारी बंगले को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया, जब राबड़ी देवी ने कहा कि अगर बिहार सरकार को यह आवास वापस चाहिए, तो उसे उन्हें वहां से "जबरन हटाना" होगा। उनका कहना था कि वह स्वेच्छा से बंगला खाली करने वाली नहीं हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 02, 2026 पर 10:11 PM
सरकारी बंगले पर छिड़ी सियासी जंग, CM सम्राट चौधरी का आदेश और राबड़ी देवी ने दी ये चुनौती
बिहार में सरकारी बंगले को लेकर सियासी विवाद और गहरा गया है।

बिहार में सरकारी बंगले को लेकर सियासी विवाद और गहरा गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं होते और पद छोड़ने के बाद उन्हें खाली कर देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

सम्राट चौधरी का बड़ा बयान

सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सरकारी आवास खाली कर लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन किया था। उन्होंने आगे कहा, "यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं। सरकारी बंगले किसी की बपौती नहीं हैं। पद छोड़ने के बाद सरकारी आवास खाली कर देना चाहिए।" उनके इस बयान को विपक्ष पर सीधा निशाना माना जा रहा है, क्योंकि राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है।

मामले पर बढ़ रहा है विवाद!

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