जम्मू कश्मीर में बड़ा बवाल! थाने में घुसकर सेना के जवानों ने पुलिस कर्मियों से की मारपीट, 7 पर FIR दर्ज
Jammu and Kashmir Army Police Clash: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना के सात जवानों (जिनमें मेजर रैंक के एक अधिकारी भी शामिल हैं) के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिसमें यह आरोप लगाया है कि सेना के कुछ जवानों ने किश्तवाड़ जिले के अथोली पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट की।
जम्मू कश्मीर थाने में घुसकर सेना के जवानों ने पुलिस कर्मियों को पीट!
Jammu and Kashmir Army Police Clash: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना के सात जवानों (जिनमें मेजर रैंक के एक अधिकारी भी शामिल हैं) के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिसमें यह आरोप लगाया है कि सेना के कुछ जवानों ने किश्तवाड़ जिले के अथोली पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिस अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और स्टेशन परिसर में मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। वहीं, सेना ने गुरुवार (25 जून 2026) को कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और संयुक्त जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि अथोली पुलिस स्टेशन में 24 जून को दर्ज FIR नंबर 17/2026 के अनुसार, यह घटना दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच हुई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 17 धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 109 (हत्या की कोशिश) और 'सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम' की धारा 3(1) शामिल हैं।
अथोली पुलिस के SHO की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
News18 के पास मौजूद FIR के अनुसार, यह मामला अथोली पुलिस थाने के थाना प्रभारी (SHO) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जब वह पड्डर स्थित ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) में जिला आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि पुलिस थाने के अंदर एक हिंसक घटना हुई है।
पुलिस शिकायत के अनुसार, 17 राष्ट्रीय राइफल्स के लगभग 30 से 40 आर्मी जवानों का एक ग्रुप, यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर के कहने पर कथित तौर पर पुलिस स्टेशन के परिसर में घुस गया। इसे "पहले से तय हमला" बताया जा रहा है। FIR में कमांडिंग ऑफिसर, एक मेजर, नायब सूबेदार और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने 30 से 40 अज्ञात आर्मी जवानों का भी जिक्र किया है, जिनकी पहचान जांच के दौरान की जानी बाकी है।
भारतीय सेना के अधिकारियों ने News18 को बताया कि मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है और भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।
उन्होंने कहा, "यह मामला किश्तवाड़ के अथोली में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है। मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है। भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
लोहे की रॉड लेकर पुलिस स्टेशन में घुसे आर्मी के जवान
वहीं, भारतीय सेना ने आगे कहा कि अभी इस मामले में और कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि जांच चल रही है।
FIR के अनुसार, लाठी, लोहे की रॉड और सर्विस हथियारों से लैस सेना के जवान मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन पुलिस स्टेशन में घुस गए।
FIR में लिखा है, "पूरी तैयारी के साथ और लाठी, लोहे की रॉड, हथियार और गोला-बारूद से लैस होकर, उस ग्रुप ने मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन अथोली पुलिस स्टेशन के परिसर में घुसपैठ की। उनका मकसद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जानलेवा चोट पहुंचाना और उनकी हत्या करना था। जबरन घुसने और हमले के बारे में पुलिस स्टेशन से कॉल मिलने पर, मैं तुरंत वापस पहुंचा।"
SHO, SDPO, ARTO के साथ सेना ने की मारपीट:
शिकायत के मुताबिक, जब SHO पुलिस स्टेशन लौटे, तो एक मेजर की अगुवाई में सेना के जवानों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। FIR में यह भी कहा गया है कि हाथापाई के दौरान अधिकारी की वर्दी फट गई। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि सेना के जवानों ने SDPO अथोली विजय कुमार भगत और स्टेशन पर तैनात कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।
FIR में कहा गया कि स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरेश कुमार की गर्दन पर राइफल के बट से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि इस घटना में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। FIR में यह भी कहा गया है कि किश्तवाड़ के असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) और उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, जो उस समय पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद थे, उन पर भी हाथापाई के दौरान हमला किया गया।
कथित हमले के अलावा, पुलिस ने आर्मी के जवानों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि ARTO, SHO अथोली और SDPO अथोली की सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई, साथ ही घटना के दौरान पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट को भी नुकसान पहुंचाया गया।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
वहीं, इन आरोपों के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109, 115(2), 121(1), 126(2), 132, 189(2), 190, 191(2), 191(3), 221, 324(4), 324(5), 324(6), 332(b), 351(2) और 352 के साथ-साथ 'सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम' की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया।
हालांकि, FIR में उन हालात या वजहों का जिक्र नहीं है जिनकी वजह से सेना और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ। इस कथित टकराव की वजह अभी साफ नहीं है।