मैं भ्रष्ट नहीं हूं: अरविंद केजरीवाल, शराब घोटाला मामले में बरी होने के बाद कैमरे पर रो पड़े
Arvind Kejirwal Acquitted: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं। अदालत ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं।” केजरीवाल ने बातचीत के दौरान भावुक होते हुए कहा, “भाजपा हम पर आरोप लगा रही थी, लेकिन अदालत ने सबको बरी कर दिया, सच्चाई की जीत हुई।”
Arvind Kejirwal Acquitted: शराब घोटाला मामले में बरी होने के बाद कैमरे पर रो पड़े अरविंद केजरीवाल
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब घोटाला मामले में बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) आरोप साबित नहीं कर पाई। इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और कैमरों के सामने रो पड़े। उन्होंने इस फैसले को सत्य और न्याय की जीत बताया। फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए भावुक केजरीवाल ने कहा कि इस फैसले ने उनके लंबे समय से चले आ रहे निर्दोष होने के दावे की पुष्टि की है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं। अदालत ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं।” केजरीवाल ने बातचीत के दौरान भावुक होते हुए कहा, “भाजपा हम पर आरोप लगा रही थी, लेकिन अदालत ने सबको बरी कर दिया, सच्चाई की जीत हुई।”
आख़िर में अधर्म और अन्याय हारता है और सच ही जीतता है।
उन्होंने कहा, “हम हमेशा से कहते आए हैं कि सच्चाई की जीत होती है। हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह और (प्रधानमंत्री) मोदी जी ने मिलकर आम आदमी पार्टी को खत्म करने की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रची और पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया।”
उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा मुख्यमंत्री को उनके घर से घसीटकर जेल में डाल दिया गया। केजरीवाल भ्रष्ट नहीं हैं। मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी ही कमाई है।”
शिवशक्ति से ऊपर कोई नहीं उठ सकता: सुनीता केजरीवाल
पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास और मजबूत हुआ है।
सिसोदिया ने कहा, “हमें अपने संविधान पर गर्व है।” उन्होंने लंबे कानूनी संघर्ष के बाद न्याय दिलाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया की सराहना की।
इसी बीच, अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, “इस दुनिया में कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो जाए, शिवशक्ति से ऊपर नहीं उठ सकता। सत्य की हमेशा जीत होती है।”
अलग से पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमने कई समस्याओं का सामना किया, लेकिन ईश्वर हमारे साथ थे। हम उन सभी के आभारी हैं जो इस कठिन समय में हमारे साथ खड़े रहे।”
कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने एक अहम फैसला सुनाते हुए इस मामले के सभी 23 आरोपियों को राहत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार के इस केस में किसी के खिलाफ आरोप तय करने लायक ठोस आधार नहीं मिला, इसलिए सभी को बरी किया जाता है।
कोर्ट का कहना था कि जांच एजेंसी यह साबित ही नहीं कर पाई कि पहली नजर में कोई पुख्ता मामला बनता है। जज ने जांच में गंभीर कमियां भी बताईं।
कोर्ट ने CBI को भी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि बिना पर्याप्त सबूत के आरोपियों को मामले में घसीटा गया। इतना ही नहीं, जो लंबी-चौड़ी चार्जशीट दाखिल की गई, उसमें कई खामियां थीं और कई बातें गवाहों के बयान या सबूतों से साबित नहीं होती थीं।
जांच में बड़ी खामियां
अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा कि निष्पक्ष ट्रायल के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। अगर जांच ही कमजोर होगी, तो मुकदमा भी सही ढंग से नहीं चल सकता।
जज ने सबूतों की कमी और अभियोजन पक्ष की कहानी में विरोधाभास की ओर भी इशारा किया।
चूंकि कोर्ट ने आरोप तय करने से इनकार कर दिया, इसलिए इस मामले में सभी आरोपी अब पूरी तरह से बरी माने जाएंगे।
सुनवाई के दौरान CBI का तर्क था कि कथित साजिश को पूरे घटनाक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए और सबूत कितने मजबूत हैं, यह ट्रायल के दौरान परखा जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट इस दलील से सहमत नहीं हुई।