AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत, दिल्ली कोर्ट ने ED से जुड़े दो मामलों में किया बरी

Arvind Kejriwal News: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े 2 मामलों में बरी कर दिया है। शराब नीति मामले में ED ने समन (नोटिस) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 2 केस दर्ज कराए थे

अपडेटेड Jan 22, 2026 पर 4:14 PM
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Arvind Kejriwal News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल दो मामलों में बरी हो गए हैं

Arvind Kejriwal News: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से दर्ज किए गए दो मामलों में बरी कर दिया है। ये मामले दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस के सिलसिले में केंद्रीय जांच एजेंसी के समन को कथित तौर पर स्वीकार नहीं पर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दर्ज किए गए थे।

लेकिन गुरुवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ED को झटका देते हुए अरविंद केजरीवाल को दोनों मामलों में बरी कर दिया। शराब नीति मामले में ED ने समन (नोटिस) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दोनों केस दर्ज कराए थे। केजरीवाल पर ये मामले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ दायर किए थे।

ED ने फरवरी 2024 में केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप है कि उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 50 के तहत एजेंसी द्वारा जारी किए गए समन का पालन नहीं किया था। इसमें एक्साइज पॉलिसी मामले में एजेंसी के समन को नजरअंदाज करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई थी।


राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) पारस दलाल ने अरविंद केजरीवाल को बरी करने का आदेश दिया। ED ने फरवरी 2024 में केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी। AAP मुखिया ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 50 के तहत एजेंसी द्वारा जारी किए गए समन का पालन नहीं किया था।

केजरीवाल ने कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में अलग-अलग तारीखों पर पांच समन जारी होने के बावजूद केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश न होने का फैसला किया था। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की ED की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा 17 अगस्त, 2022 को दर्ज किए गए एक मामले से शुरू हुई थी, जो 2021-22 की दिल्ली एक्साइज पॉलिसी में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था।

CBI का मामला 20 जुलाई, 2022 को दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) वीके सक्सेना द्वारा की गई शिकायत पर दर्ज किया गया था। इसके बाद ED ने 22 अगस्त, 2022 को आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से एक मामला दर्ज किया। बाद में अरविंद केजरीवाल को मुख्य मामले में गिरफ्तार किया गया। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। इस पर जमकर राजनीति हुई थी।

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केजरीवाल को 21 मार्च और 26 जून, 2024 को क्रमशः ED और CBI ने गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी अब रद्द हो चुकी 2020 की शराब एक्साइज पॉलिसी योजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में हुई थी। आरोप था कि पॉलिसी बनाने को प्रभावित करने के लिए एक कथित लॉबी ने 100 करोड़ रुपये दिए थे। जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी।

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