Asaduddin Owaisi: ओवैसी के बयान पर सियासी तूफान, अब हिमंत बिस्वा सरमा ने किया पलटवार

ओवैसी ने कहा था कि भविष्य में देश के सबसे बड़े राजनीतिक पद पर हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला के पहुंचने की संभावना भी हो सकती है। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी यह राय रखी

अपडेटेड Jan 10, 2026 पर 6:09 PM
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ओवैसी बोले- भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। जो पार्टियां आज देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, उनकी दुकान अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में विवाद को और तेज कर दिया। वहीं ओवैसी के इस बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार किया है। हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि उनका मानना है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू होगा।

ओवैसी ने कहा था कि भविष्य में देश के सबसे बड़े राजनीतिक पद पर हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला के पहुंचने की संभावना भी हो सकती है। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी यह राय रखी।

ओवैसी ने दिया था ये बयान

असदुद्दीन ओवैसी ने सोलापुर (महाराष्ट्र) में एक जनसभा और बाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान किसी को भी प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोकता। उन्होंने कहा कि उनका एक सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भी देश का नेतृत्व करे। ओवैसी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी भारतीय नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म से हो या जैसा भी पहनावा रखता हो, देश के सर्वोच्च पद के लिए योग्य है। उन्होंने इसकी तुलना पाकिस्तान जैसे देशों से की, जहां संविधान में ऐसे पदों के लिए धार्मिक प्रतिबंध हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने किया पलटवार


इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वह मानते हैं कि भारतीय संविधान किसी को भी प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोकता। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका निजी विचार है कि भारत एक हिंदू सभ्यता वाला देश है, इसलिए देश का सर्वोच्च पद अंततः एक हिंदू के पास ही रहेगा।

बयान पर नचा है सियासी तूफान

बता दें कि ओवैसी के इस बयान पर कई प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारत एक हिंदू बहुल देश है और यहां इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं हैं। नितेश राणे ने यह भी कहा कि जो लोग इस तरह की सोच रखते हैं, उन्हें अन्य इस्लामिक देशों में जाना चाहिए। इस पूरे विवाद पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान भी सामने आए। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है, न कि किसी एक व्यक्ति या विचारधारा से।

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