असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य को अंदर से कमजोर करने की एक सोची-समझी कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि असम में हर चुनाव अब सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। गुवाहाटी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य कार्यकारिणी बैठक के दूसरे दिन बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम को पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति की ओर धकेला जा रहा है। उनका कहना था कि जनसंख्या से जुड़ा दबाव और इतिहास की गलत व्याख्या असम की सभ्यता की जड़ों के लिए खतरा बन रही है।
'असम के लिए अस्तित्व की लड़ाई...',
मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को असम के अस्तित्व से जुड़ा संघर्ष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों को जानबूझकर तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। उन्होंने अहोम सेनापति लचित बोरफुकन और उनके भरोसेमंद कमांडर बाघ हजारिका का ज़िक्र करते हुए कहा कि मुगलों के खिलाफ उनकी जीत सामूहिक और सभ्यतागत थी, न कि कोई अलग-थलग घटना। हिमंत बिस्वा सरमा ने चेतावनी दी कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर नई और गलत कहानियाँ गढ़ने से विदेशी आक्रमण के खिलाफ असम के एकजुट संघर्ष की ताकत कमजोर नहीं होनी चाहिए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के सांस्कृतिक विमर्श में “शंकर-माधव” से “शंकर-अजान” की ओर हो रहे बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताया और कहा कि इस तरह की नई व्याख्याएं समाज को बांटने का काम करती हैं और राज्य की सभ्यतागत पहचान को नुकसान पहुंचाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहानी जानबूझकर फैलाई जा रही है और इसके पीछे लोगों को आपस में बांटने की साजिश है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर कही ये बात
राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है, की रणनीतिक कमजोरी पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर के दोनों ओर बांग्लादेशी मूल की आबादी रहती है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि किसी संकट की स्थिति में लोगों की निष्ठा किसके प्रति होगी। उन्होंने इसे असम और पूरे देश के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बताया।
इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि सभ्यतागत संघर्ष बताते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि असम का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य जनसंख्या से जुड़े दबाव, इतिहास के साथ छेड़छाड़ और गलत कहानियों का किस तरह विरोध करता है। इस मौके पर नितिन नवीन ने भी गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय अवैध विदेशी आसानी से असम में दाखिल हो जाते थे, लेकिन अब ऐसी गतिविधियां संभव नहीं हैं।