उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, छह साल की एक बच्ची के साथ गंभीर अपराध किया गया और बाद में उसकी जान ले ली गई। आरोप है कि घटना के बाद पहचान छिपाने के इरादे से बच्ची को छत से नीचे फेंक दिया गया। यह घटना 2 जनवरी की देर रात की बताई जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग बच्ची बेहद गंभीर हालत में पड़ी है। उसे तुरंत सिकंदराबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्ची के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) और 103(1) के साथ-साथ POCSO अधिनियम की धारा 5(m) और 6 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्ची की पिता ने लागाए ये आरोप
बच्ची के पिता ने अपनी शिकायत में बताया कि राजू और वीरू कश्यप नाम के दो लोग उसी इमारत में किराए पर रहते थे। उनके अनुसार, उनकी बेटी छत पर खेल रही थी, लेकिन कुछ समय बाद वह इमारत के पीछे बने एक खेत में घायल हालत में पाई गई। पिता ने आरोप लगाया कि बच्ची की हत्या से पहले उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई थीं। बाद में पुलिस को सूचना मिली कि दोनों संदिग्ध एक निर्माणाधीन कॉलोनी में इदरीस के ठिकाने पर छिपे हुए हैं, जिसके बाद उन्हें पकड़ने की कार्रवाई तेज़ की गई।
जब सिकंदराबाद पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की, तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुठभेड़ के दौरान राजू और वीरू कश्यप के पैरों में गोली लग गई। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को घायल हालत में पकड़ लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस सबूत जुटाने में लगी हुई है।