Kerala assembly election results 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और केरल विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार पी.सी. जॉर्ज ने रविवार (3 मई) को कहा कि वह पूंजार सीट से अपनी शानदार जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये की शर्त लगाने को तैयार हैं। उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, "मैं बड़े अंतर से जीतूंगा। अगर किसी को कोई संदेह है, तो वह एक करोड़ रुपये की शर्त लगा सकते हैं।" जॉर्ज ने पड़ोसी पाला निर्वाचन क्षेत्र में अपने बेटे शोन जॉर्ज की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि अगली विधानसभा में दोनों एक साथ सदन में प्रवेश करेंगे।
जॉर्ज ने दावा किया कि राजीव चंद्रशेखर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी केरल में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करेगी और किसी भी पार्टी को चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सबसे ज्यादा सीट जीतेगा।
जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का प्रदर्शन कुछ खास खराब नहीं रहेगा। उन्होंने अनुमान जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) राज्य में लगभग 11 सीट जीतेगा। केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को हुआ था। परिणाम सोमवार 4 मई को घोषित होंगे।
PC जॉर्ज एक अनुभवी राजनेता और सात बार के विधायक हैं। वह केरल विधानसभा चुनावों में फिर से मैदान में हैं। इस बार वे BJP के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। जॉर्ज पूंजार में एक जाना-माना चेहरा हैं। वे तीन दशकों से भी ज्यादा समय से राजनीति में सक्रिय हैं। मध्य केरल में स्थित पूंजार विधानसभा क्षेत्र केरल कांग्रेस का गढ़ रहा है, जहां से जॉर्ज ने छह बार जीत हासिल की है। उन्होंने 1981, 1982, 1996, 2001 और 2006 में चुनाव जीतकर केरल विधानसभा में पूंजार का प्रतिनिधित्व किया है।
2011 से 2015 के बीच जॉर्ज ने केरल विधानसभा के मुख्य सचेतक (Chief Whip) के तौर पर भी काम किया। 2016 में उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पूंजार सीट जीती। उन्होंने सभी प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों के उम्मीदवारों को हराया। 2019 में उन्होंने अपनी खुद की पार्टी 'केरल जनपक्षम् (सेक्युलर)' बनाई। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने अपनी पार्टी का BJP-NDA में विलय कर दिया।
पीसी जॉर्ज से जुड़े विवाद
जॉर्ज का राजनीतिक सफर विवादों से अछूता नहीं रहा है। वे अपने भड़काऊ बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने विवादित बयानों से अक्सर लोगों का ध्यान खींचा है। उनकी आलोचना भी हुई है। उनके बयान अक्सर मुस्लिम समुदाय और महिलाओं को निशाना बनाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने भारत की आजादी में महात्मा गांधी की भूमिका को यह दावा करते हुए खारिज कर दिया कि देश को उनकी कोशिशों या उदारता से आज़ादी नहीं मिली।
पिछले साल मार्च में उन्होंने दावा किया था कि कोट्टायम जिले के एक हिस्से की लगभग 400 लड़कियां कथित 'लव जिहाद' से प्रभावित हो रही थीं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ईसाई लड़कियों को 24 साल की उम्र से पहले शादी कर लेनी चाहिए। अपनी इन टिप्पणियों के बावजूद, जॉर्ज अपने चुनावी क्षेत्र में एक अहम राजनीतिक हस्ती बने रहे।
लेकिन पूंजार की राजनीतिक समीकरण पिछले कुछ सालों में बदल गए हैं। इस बार जॉर्ज का मुकाबला मौजूदा विधायक कुलंथुंकल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा' (UDF) का प्रतिनिधित्व कर रहे साजी जोसेफ से है। अब सभी को चार मई का इंतजार है।