दिल्ली-एनसीआर में यातायात और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने शनिवार को मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत मेट्रो फेज़ V(B) में सात नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें 97 किलोमीटर से ज्यादा लंबी नई मेट्रो लाइनें और 65 स्टेशन शामिल होंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत 48,204.56 करोड़ रुपये रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना खास तौर पर दिल्ली के बाहरी और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को सेंट्रल दिल्ली से जोड़ने के लिए तैयार की गई है, ताकि लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले और सफर आसान हो सके।
प्राथमिकता वाले मेट्रो कॉरिडोर
अधिकारियों के अनुसार, सात प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर में से चार को प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इन रूटों पर तेजी से काम किया जाएगा और सरकार ने इन्हें वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट को प्राथमिकता और गैर-प्राथमिकता वाले हिस्सों में बांटेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना दिल्ली में संतुलित और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट पहले ही तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है और अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। मुख्यमंत्री और DMRC अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद दिल्ली सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि, काम शुरू होने से पहले केंद्र और दिल्ली सरकार, दोनों से अंतिम वित्तीय मंजूरी मिलना जरूरी होगा।
मेट्रो कनेक्टिविटी का होगा बड़ा विस्तार
इस नए मेट्रो विस्तार योजना के बाद नजफगढ़, नरेला, मिठापुर और खेड़ा कलां जैसे इलाके भी मेट्रो नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। योजना में एलिवेटेड और अंडरग्राउंड, दोनों तरह के मेट्रो कॉरिडोर शामिल किए गए हैं। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए कई इंटरचेंज स्टेशन भी बनाए जाएंगे, ताकि लोग आसानी से अलग-अलग लाइनों में सफर कर सकें। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, यह परियोजना उन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर करेगी, जहां अभी मेट्रो या बेहतर ट्रांसपोर्ट की कमी है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को तेज, सुरक्षित और ज्यादा आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
धंसा बस स्टैंड से नांगलोई तक बनने वाला मेट्रो कॉरिडोर 11.859 किलोमीटर लंबा होगा। यह पूरी तरह एलिवेटेड यानी जमीन के ऊपर बने रूट पर तैयार किया जाएगा और इसमें कुल नौ स्टेशन होंगे। इस रूट से रन्होला, बक्करवाला और नजफगढ़ एक्सटेंशन जैसे इलाके जुड़ेंगे। साथ ही, नांगलोई और धंसा बस स्टैंड पर इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी।
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से किशनगढ़ तक का कॉरिडोर 15.969 किलोमीटर लंबा होगा। इसका ज्यादातर हिस्सा भूमिगत यानी अंडरग्राउंड बनाया जाएगा और इसमें 10 स्टेशन होंगे। यह रूट न्यू मोती बाग, आरके पुरम और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तक बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इस कॉरिडोर में कई इंटरचेंज स्टेशन भी बनाए जाएंगे। समयपुर बादली से नरेला तक का कॉरिडोर मौजूदा मेट्रो लाइन को 12.89 किलोमीटर तक आगे बढ़ाएगा। इसमें आठ एलिवेटेड स्टेशन होंगे और यह सिरासपुर, अलीपुर और नरेला जैसे इलाकों को जोड़ेगा। वहीं, कीर्ति नगर से पालम तक बनने वाला 9.967 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर जमीन के ऊपर और नीचे दोनों हिस्सों में तैयार किया जाएगा। इस रूट पर छह स्टेशन होंगे, जो मायापुरी और सागरपुर जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेंगे।
जोर बाग से मिठापुर तक बनने वाला मेट्रो कॉरिडोर 16.991 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 12 स्टेशन बनाए जाएंगे और यह लोधी कॉलोनी, जैतपुर और मोलड़बंद जैसे इलाकों को बेहतर मेट्रो सुविधा देगा। इसके साथ ही, इस रूट पर कई अहम इंटरचेंज स्टेशन भी होंगे। शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज़-3 तक का कॉरिडोर 13.197 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें आठ स्टेशन शामिल किए जाएंगे। यह रूट गीता कॉलोनी और पटपड़गंज जैसे इलाकों को जोड़ेगा।
वहीं, केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक का आखिरी कॉरिडोर 16.285 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 12 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे और यह पीतमपुरा, रोहिणी तथा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस विस्तार योजना से ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ बेहतर होगी और लोगों का यात्रा समय कम होगा। उनके मुताबिक, फेज़ V(B) पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का बड़ा विस्तार होगा और यह राजधानी में रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए परिवहन का और भी अहम साधन बन जाएगा।