पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिकी हुई हैं। अब से कुछ ही देर बाद पांच राज्यों का एग्जिट पोल सामने आ जाएगा। पश्चिम बंगाल हो या असम पांच राज्यों में किसकी सरकार बनेगी, एग्जिट पोल आज शाम को इसकी तस्वीर पेश करेंगे। ऐसे में आइए देखते हैं कि, असम में पिछले विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल कितना सही साबित हुआ था।
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान कराया गया था, जिसमें 85.91 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई।
2021 के एग्जिट पोल में क्या था आंकड़ा
2021 के असम विधानसभा चुनाव में लगभग सभी एजेंसियों ने असम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की वापसी का अनुमान लगाया था। इंडिया टुडे – एक्सिस माई इंडिया ने एनडीए को 75 से 85 सीटें मिल सकती थीं। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत को 40 से 50 सीटें और अन्य को 1 से 4 सीटें मिलने की बात कही गई थी।
रिपब्लिक टीवी – सीएनएक्स ने एनडीए को 74 से 84 सीटें, महाजोत को 40 से 50 सीटें और अन्य को 1 से 3 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। वहीं न्यूज24 – टुडेज चाणक् ने अपने सर्वे में एनडीए को 61 से 79 सीटों के बीच और महाजोत को 47 से 65 सीटों के बीच दिखाया गया था। वहीं, अन्य के खाते में 0 से 3 सीटें जाने की बात कही गई थी। एबीपी न्यूज – सी-वोट के अनुसार एनडीए को 58 से 71 सीटें और महाजोत को 53 से 66 सीटें मिल सकती थीं, जबकि अन्य को 0 से 5 सीटें मिलने का अनुमान था।
बहुमत के लिए चाहिए इतनी सीट
126 विधानसभा सीटों वाले असम में जीत के लिए 64 सीटों की जरूरत है। कई प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की थी। हालांकि, कुछ एग्जिट पोल्स ने दोनों गठबंधनों के बीच बेहद कड़ी टक्कर और त्रिशंकु विधानसभा होने का अनुमान जताया था।
सही साबित हुए थे एग्जिट पोल
आंकड़ों से साफ पता चलता है कि 2021 के असम विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल काफी हद तक सही साबित हुए। लगभग सभी बड़ी एजेंसियों ने सही अंदाजा लगा लिया था कि राज्य में लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार बनाएगा। खास तौर पर ‘इंडिया टुडे – एक्सिस माई इंडिया’ और ‘रिपब्लिक – सीएनएक्स’ के अनुमान बिल्कुल सटीक रहे। इन दोनों ने एनडीए को जितनी सीटें मिलने की बात कही थी, असली नतीजे भी लगभग उसी के आसपास रहे और एनडीए ने 75 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया और लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत को 50 सीटें मिलीं। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार (अखिल गोगोई) ने जीती।