असम विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर साफ करने की कोशिश की है। आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA राज्य में फिर से एक बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है। इस एग्जिट पोल में बीजेपी गठबंधन को भारी बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडिया (INDIA) गठबंधन काफी पीछे नजर आ रहा है ।
सीटों का गणित: बीजेपी को अकेले बहुमत का अनुमान
News18 के Mega Exit Poll के अनुसार, राज्य की 126 विधानसभा सीटों में से NDA को 90 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, कांग्रेस और उसके सहयोगियों को महज 23 से 33 सीटें मिल सकती हैं। जबकि बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF का इस बार सूपड़ा साफ होता नजर आ रहा है, जिसे केवल 0 से 6 सीटें मिलने की उम्मीद है।
दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी अकेले ही 72 से 78 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा (64 सीटें) आसानी से पार कर सकती है।
मुख्यमंत्री की पसंद: हिमंता बिस्वा सरमा पहली पसंद
जब जनता से पूछा गया कि वे अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहते हैं, तो 51.2% लोगों ने हिमंता बिस्वा सरमा का नाम लिया । कांग्रेस के गौरव गोगोई 37.2% वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे ।
किन मुद्दों पर हुआ चुनाव?
असम के वोटरों के लिए इस बार बेरोजगारी (24%) सबसे बड़ा मुद्दा रही। इसके बाद अवैध घुसपैठ (17.8%) और भ्रष्टाचार (17.4%) का नंबर आता है।
हैरानी की बात यह है कि असम की पुरानी समस्या होने के बावजूद बाढ़ और पुनर्वास को केवल 9.8% लोगों ने ही मुख्य मुद्दा माना।
एग्जिट पोल के आंकड़ों से पता चलता है कि समाज के अलग-अलग वर्गों ने किस तरह मतदान किया है:
बीजेपी का मजबूत आधार: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), OBC और सवर्ण हिंदुओं का बड़ा हिस्सा (लगभग 66% से 68%) बीजेपी के पक्ष में गया है।
मुस्लिम वोट: मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव पूरी तरह से कांग्रेस (INDIA गठबंधन) की तरफ रहा, जहां उन्हें 71.2% वोट मिले । इसकी वजह से बदरुद्दीन अजमल की AIUDF को भारी नुकसान हुआ है।
इलाकों का हाल: बीजेपी ने ऊपरी असम (Upper Assam) और नॉर्थ असम में क्लीन स्वीप जैसा प्रदर्शन किया है। वहीं, बराक वैली और लोअर असम में मुकाबला थोड़ा कड़ा रहा, लेकिन वहां भी बढ़त NDA को मिल सकती है।
इस एग्जिट पोल से साफ है कि असम में 'हिमंता फैक्टर' काम कर गया है । अगर ये नतीजे वास्तविक परिणामों में बदलते हैं, तो यह असम में बीजेपी का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन होगा और वो बिना किसी सहयोगी दल के भी सरकार चलाने की स्थिति में होगी।