Prashant Kishor: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए अपने नॉमिनेशन पेपर के साथ दाखिल हलफनामे में लगभग 198 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति की जानकारी दी है। इस खुलासे के साथ ही पहली बार चुनाव लड़ रहे पूर्व चुनाव रणनीतिकार की वित्तीय संपत्ति सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई है।
हलफनामे के अनुसार, किशोर ने अपने नाम पर 96.06 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने 101.93 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। इस तरह, परिवार की कुल घोषित संपत्ति लगभग 197.99 करोड़ रुपये है।
हलफनामे से पता चलता है कि परिवार की चल संपत्ति की कीमत 111.78 करोड़ रुपये है, जबकि अचल संपत्ति की कीमत 86.29 करोड़ रुपये है। किशोर की अपनी चल संपत्ति 22.19 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 89.51 करोड़ रुपये बताई गई है।
बता दें कि किशोर की घोषित संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनका इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो है। उन्होंने 'वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' में 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी की घोषणा की है, जिसकी कीमत लगभग 95.26 करोड़ रुपये है। हलफनामे में 7.36 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और मार्केट-लिंक्ड इन्वेस्टमेंट का भी जिक्र है।
इस जानकारी में किशोर के नाम पर ₹65,570 और उनकी पत्नी के नाम पर ₹1,95,200 नकद होने की बात कही गई है। इसमें शेयरों, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और इंश्योरेंस पॉलिसी में किए गए निवेश का भी जिक्र है।
475 ग्राम सोना और कोई कार नहीं
इसके अलावा, अचल संपत्ति के तौर पर, किशोर ने बिहार के रोहतास जिले में एक बंद पड़ी राइस मिल की जानकारी दी है, जिसकी कीमत लगभग ₹9.75 करोड़ है। उन्होंने खुद खरीदी गई लगभग ₹59.25 करोड़ की रिहायशी संपत्तियों की भी जानकारी दी है, जिनमें पाटलिपुत्र कॉलोनी, वसंत विहार और गाजियाबाद की संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, विरासत में उन्हें मिली रिहायशी संपत्तियों की कीमत लगभग ₹14.62 करोड़ है।
हलफनामे में परिवार की चल संपत्ति के तौर पर 475 ग्राम सोना होने की जानकारी भी दी गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि किशोर पर लगभग ₹5.77 करोड़ की देनदारी है और उनके पास कोई कार नहीं है।
8 आपराधिक मामलों की दी जानकारी
कानूनी मामलों की बात करें तो किशोर ने अपने खिलाफ चल रहे आठ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इन मामलों में आपराधिक मानहानि और गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जमा करने जैसे आरोप शामिल हैं। हलफनामे में बताया गया है कि ये मामले बिहार के अलग-अलग हिस्सों, जैसे पटना और बेतिया के पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि उन्हें इनमें से किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।
बता दें कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई को होगा, जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई है। इस चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह प्रशांत किशोर का पहला चुनाव है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि पटना की इस अहम सीट पर जन सुराज पार्टी बीजेपी को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है।