अयोध्या के भव्य राम मंदिर के दान पात्रसे पैसों की हेराफेरी की खबरों ने सबको चौंका दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर बनी SIT की टीम इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी ताकत से जुट गई है। हाल ही में SIT की टीम ने राम मंदिर परिसर में पहुंचकर लगातार 8 घंटे तक सघन जांच-पड़ताल की।
News18 India की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच टीम अब तक मंदिर के सेवादारों और ट्रस्ट के अधिकारियों समेत कुल 43 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जब यह जांच चल रही थी, तब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी मंदिर में ही मौजूद थे। इसके अलावा, राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष सदस्य गोपाल राव से भी अधिकारियों ने करीब 2 घंटे तक सवाल-जवाब किए।
मुख्य आरोपी हिरासत में, घर से मिले 15 लाख!
दान में आए पैसों की गिनती का जिम्मा संभालने वाले लवकुश मिश्रा को पुलिस के बाद अब SIT ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया, जब जांच टीम ने लवकुश के घर पर छापा मारा, तो वहां से ₹10 लाख से ₹15 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
शक के घेरे में ये 6 मुख्य किरदार
SIT की रडार पर इस समय 6 ऐसे लोग हैं, जिन पर दान के पैसों और गहनों में गड़बड़ी करने का सबसे ज्यादा शक है:
सेवादारों की संपत्ति की होगी जांच
SIT इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। जांच टीम ने अयोध्या के डीएम (DM) को बुलाकर आरोपियों और संदिग्ध सेवादारों की जमीन की रजिस्ट्री और अन्य सरकारी कागजात जुटाने को कहा है। सरकार यह देखना चाहती है कि कहीं दान के पैसों से इन लोगों ने अवैध संपत्ति तो नहीं खड़ी की।
थाने पहुंची शिकायत, गरमाई राजनीति
इस कथित चोरी को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। यूपी यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने थाने में राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायत दी है। वहीं, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है।
विपक्ष के भारी हंगामे और लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में अब SIT जल्द से जल्द दूध का दूध और पानी का पानी करने की कोशिश में लगी है।