Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच बड़ी खबर, चंपत राय ने दिया इस्तीफा

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा एक्शन हुआ है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में कठोर संस्तुति के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है

अपडेटेड Jun 26, 2026 पर 2:41 PM
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उनपर इस्तीफे का दबाव था। वहीं चंपत राय के अलावा ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है।

बताया जा रहा है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद सौंपा। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर के खातों से करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी सामने आई है। हालांकि, इस रकम को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इन लोगों पर दर्ज की गई FIR


बता दें कि, अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर FIR दर्ज की गई है। इस मामले में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव समेत कई अन्य लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। वहीं चंदा चोरी मामले में टिन्नू यादव की गिरफ्तारी भी हो गई है।

इससे पहले SIT ने मामले में चोरी, आपराधिक विश्वासघात, बेईमानी से चोरी का सामान रखने और आपराधिक साजिश समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

SIT को मिली खामियां

खबरों के अनुसार, आरोपी CCTV फुटेज में कथित तौर पर पैसों की हेराफेरी करते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। विपक्ष का आरोप है कि दर्ज की गई FIR में ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। सबसे पहले समाजवादी पार्टी ने इस मामले को उठाया था। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और फैल रही अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से जांच के आदेश दिए थे। इस SIT में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। फिलहाल SIT की टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है।

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