Bengaluru Stampede: RCB के विक्ट्री इवेंट के पक्ष में नहीं थी बेंगलुरु पुलिस! CM सिद्धारमैया ने क्रिकेट एसोसिएशन को ठहराया जिम्मेदार
Bengaluru Stampede: बुधवार की सुबह RCB के सोशल मीडिया पर विक्ट्री परेड की घोषणा करने के बाद अराजकता फैल गई। इसके बाद जो हुआ वह पूरी तरह से अराजकता थी - परेड की स्थिति को लेकर अनिश्चितता, टिकट और पास को लेकर भ्रम, खराब कम्युनिकेशन, कई बार शेड्यूल में फेरबदल और आखिर में भयानक त्रासदी
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 05, 2025 पर 2:55 PM
Bengaluru Stampede: RCB के विक्ट्री इवेंट के पक्ष में नहीं थी बेंगलुरु पुलिस! CM सिद्धारमैया ने क्रिकेट एसोसिएशन को ठहराया जिम्मेदार
बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 आम लोगों मौत हो गई। बदइंतजामी और खराब व्यवस्था के चलते RCB के IPL 2025 की जीत जश्न मातम में बदल गया। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ कि सिटी पुलिस इतने बड़े आयोजन के लिए तैयार नहीं थी। CNN-News18 के मुताबिक, सिद्धारमैया सरकार और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के बीच हुई बातचीत से पता चला है कि बेंगलुरु पुलिस विधान सौध में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के सम्मान समारोह के पक्ष में नहीं थी।
18 साल बाद IPL ट्रॉफी जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत का जश्न बुधवार को चीख-पुकार में तब्दील हो गया, जब विधान सौधा के पास चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई।
बुधवार की सुबह RCB के सोशल मीडिया पर विक्ट्री परेड की घोषणा करने के बाद अराजकता फैल गई। इसके बाद जो हुआ वह पूरी तरह से अराजकता थी - परेड की स्थिति को लेकर अनिश्चितता, टिकट और पास को लेकर भ्रम, खराब कम्युनिकेशन, कई बार शेड्यूल में फेरबदल और आखिर में भयानक त्रासदी।
आयोजन के पक्ष में नहीं थी कर्नाटक पुलिस!
सबसे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधान सौधा की सीढ़ियों पर टीम के लिए अभिनंदन समारोह शुरू किया, लेकिन ऐसा लग रहा था कि अधिकारी आस-पास पैदा हो रही समस्या से परिचित नहीं थे, क्योंकि उधर स्टेडियम के बाहर जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
नई बातचीत से पता चलता है कि विधान सौधा में RCB की जीत के जश्न की योजना 3 जून को होने वाले फाइनल से काफी पहले ही बना ली गई थी, जिससे सरकार का यह दावा झूठा साबित होता है कि सभी इवेंट आखिरी समय में प्लान किए गए।
3 जून को KSCA ने DPR को पत्र लिखकर RCB के IPL जीतने पर विधान सौधा की भव्य सीढ़ियों पर सम्मान समारोह आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद DPR ने पुलिस को पत्र लिखकर प्रस्ताव पर उनकी राय मांगी। हालांकि, पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि पुलिस विधान सौधा कार्यक्रम की अनुमति देने के पक्ष में नहीं थी।
CM ने कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन को ठहराया जिम्मेदार
बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा था, “किसी ने इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं की थी।” उन्होंने कहा, “स्टेडियम की क्षमता केवल 35,000 लोगों की है, लेकिन लगभग तीन लाख लोग आए।” उन्होंने कहा कि लोग विधान सौधा में भी इकट्ठा हुए थे, लेकिन वहां किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) पर आरोप लगाते हुए कहा, "हमने कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया, क्रिकेट एसोसिएशन ने किया। हमारा कर्तव्य सुरक्षा प्रदान करना था। पास दिए गए लोगों की संख्या के बराबर भीड़ होनी चाहिए थी। अगर ज्यादा लोग आ गए तो हम क्या कर सकते हैं? देखते हैं कि जांच में क्या पाया जाता है, एसोसिएशन या पुलिस की ओर से (चूक)।"
भीड़ पर लाठीचार्ज नहीं कर सकते थे- डीके शिवकुमार
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कार्यक्रम स्थल पर भीड़भाड़ के लिए माफी मांगी और कहा कि उन्होंने कार्यक्रम को छोटा रखने सहित सभी प्रयास किए थे। उन्होंने कहा, "हमने 5,000 से ज्यादा कर्मियों की व्यवस्था की थी।" उन्होंने कहा, "लाखों लोग आए थे... कार्यक्रम 10 मिनट के भीतर ही खत्म हो गया था। हम सब कुछ सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं... यह एक युवा उत्साही भीड़ थी, हम लाठी का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे।"
घटनास्थल से आए वीडियो फुटेज में फैंस घबराते हुए, सांस लेने के लिए हांफते हुए और न केवल खुद को बल्कि भीड़ में मौजूद दूसरे लोगों को बचाने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
अप्राकृतिक मौतों को लेकर 11 FIR दर्ज की गई हैं, जबकि कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि सरकार घायलों को मुफ्त इलाज भी मुहैया कराएगी।