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Bharat Bandh Today: आज है 'भारत बंद', 25 करोड़ कर्मचारी करेंगे हड़ताल, जानें क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद

Bharat bandh on 9th July: पब्लिक सर्विस सेक्टर जैसे बैंकिंग, इंश्योरेंस, पोस्टल और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों ने बुधवार यानी 9 जुलाई को भारत बंद का आह्वान किया है। इन क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने वाले हैं। कर्मचारियों की इस हड़ताल से देश की कई सेवाएं बाधित हो सकती हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 09, 2025 पर 8:27 AM
Bharat Bandh Today: आज है 'भारत बंद', 25 करोड़ कर्मचारी करेंगे हड़ताल, जानें क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद
Bharat bandh on 9th July: 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के एक मंच हड़ताल को लेकर ऐलान किया है

Bharat bandh on 9th July News Updates: देशभर के करीब 10 ट्रेड यूनियनों और किसान संघों ने सामूहिक रूप से बुधवार (9 जुलाई) को राष्ट्रव्यापी हड़ताल 'भारत बंद' का ऐलान किया है। विभिन्न सेक्टर के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी आज के हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं। पब्लिक सर्विस सेक्टर जैसे बैंकिंग, इंश्योरेंस, पोस्टल और कंस्ट्रक्शन क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने वाले हैं। कर्मचारियों की इस हड़ताल से देश की कई सेवाएं बाधित हो सकती हैं। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के एक मंच हड़ताल को लेकर ऐलान किया है।

प्रदर्शनकारी श्रम कानून में बदलाव, बढ़ते निजीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि इससे मजदूर और किसान दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह हड़ताल केंद्र सरकार की कथित 'मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक' नीतियों के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन है। भारत बंद के दौरान स्कूल, कॉलेज और प्राइवेट दफ्तरों के खुले रहने की संभावना है। हालांकि, परिवहन और अन्य सेवाओं में रुकावट से रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ सकता है।

क्या है मांग?

कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियन सरकार की कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों, हाल के श्रम कानून सुधारों और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। श्रमिकों की मुख्य मांग है कि सरकार को बेरोजगारी दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

इन मांगों में खाली पदों को भरने, अधिक रोजगार अवसर पैदा करने, मनरेगा के काम को बढ़ाने और सैलरी वृद्धि जैसी बातें शामिल हैं। ट्रेड यूनियन की मांग है कि शहरी क्षेत्रों के लिए भी मनरेगा जैसी योजना लाई जाए। यह हड़ताल पहले मई के लिए निर्धारित थी, लेकिन राष्ट्रीय घटनाओं के कारण इसे आगे के लिए पोस्टपोन कर दिया गया।

बैंकिंग सेक्टर पर होगा असर

बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि बुधवार को पूरे भारत में बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती हैं, क्योंकि प्रमुख बैंक यूनियनें राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं। एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने चेतावनी दी है कि अगर हड़ताल होती है तो भले ही बैंक सामान्य परिचालन बनाए रखने का प्रयास कर रहा हो, इसकी ब्रांच और कार्यालयों के कामकाज पर असर पड़ सकता है।

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