उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक हैरान कर देने वाला खबर सामने आई है। यहां 18 जनवरी को एक लिव-इन में रहने वाली एक महिला ने अपने साथी की हत्या कर दी। फाइनेंस कंपनी में मैनेजर हरिओम सिंह अपने किराए के कमरे में फांसी पर लटके मिले। वह करीब डेढ़ साल से बिजनौर के एक अस्पताल में काम करने वाली कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर शीतल के साथ रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, शीतल ने बताया कि उसने हरिओम को चांदपुर स्थित कमरे में फांसी पर लटका देखा, जिसके बाद उसने उन्हें नीचे उतारा और अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
घटना के बाद हरिओम के परिवार ने शीतल पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। चांदपुर के सर्किल ऑफिसर देश दीपक के मुताबिक, घटना वाली रात दोनों ने शराब पी थी, जिसके बाद उनके बीच कहासुनी हो गई। पुलिस का कहना है कि शीतल हरिओम पर शादी करने का दबाव बना रही थी, लेकिन हरिओम का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। इसी वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। 15 जनवरी को भी दोनों में विवाद हुआ था, जिसके बाद शीतल अपने घर चली गई थी और 18 जनवरी को वापस लौटी। जांच में यह भी सामने आया है कि शीतल पहले गर्भवती हुई थी और हरिओम ने उसका गर्भपात करवाया था, जिससे उनके रिश्ते में तनाव और बढ़ गया था।
दोनों के बीच हुआ था झगड़ा
18 जनवरी को शादी को लेकर एक बार फिर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। जांच अधिकारियों के मुताबिक, बहस के दौरान हरिओम बिस्तर पर चढ़ गया, गले में केबल डाली और खुद को फांसी लगाने की धमकी देने लगा। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान शीतल ने उसके पैरों पर लात मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फांसी पर लटक गया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद शीतल कुछ समय के लिए कमरे से बाहर चली गई, ताकि ऐसा लगे कि घटना के वक्त वह वहां मौजूद नहीं थी। बाद में वह वापस आई, हरिओम को फंदे से नीचे उतारा, पड़ोसियों को बताया कि उसने आत्महत्या कर ली है और फिर उसे अस्पताल ले गई।
महिला ने कबूला अपना जुर्म
पहले पोस्टमार्टम में हरिओम के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। इसे देखकर परिवार ने आपत्ति जताई और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की, जिसे पुलिस ने स्वीकार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और आगे की पूछताछ के दौरान शीतल ने अपना अपराध कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।