Lenskart Dress Code Controversy: बिंदी और तिलक बैन, लेकिन हिजाब पहनने की अनुमति है? ड्रेस कोड विवाद पर लेंसकार्ट का आया बयान
Lenskart Dress Code Controversy: Lenskart के ऑफिस ड्रेस कोड से जुड़ा एक दस्तावेज लीक होने से भारी विवाद खड़ा हो गया। लोगों ने कहा कि इस दस्तावेज के अनुसार ऑफिस में बिंदी और तिलक लगाने की अनुमति नहीं है, जबकि हिजाब की अनुमति है।
Lenskart Dress Code Controversy: Lenskart के ऑफिस ड्रेस कोड से जुड़ा एक दस्तावेज लीक होने से भारी विवाद खड़ा हो गया। लोगों ने कहा कि इस दस्तावेज के अनुसार ऑफिस में बिंदी और तिलक लगाने की अनुमति नहीं है, जबकि हिजाब की अनुमति है। जैसे-जैसे यह मामला बढ़ा, Lenskart के फाउंडर और CEO पीयूष बंसल ने साफ किया कि यह नीति दस्तावेज गलत है और यह कंपनी के मौजूदा नियमों को नहीं दिखाता है।
बता दें कि Lenskart आईवियर (चश्मा) इंडस्ट्री की एक बड़ी कंपनी है, जो किफायती दामों पर चश्मे उपलब्ध कराती है। यह अपने फ्रेम और लेंस खुद बनाती है और बीच के बिचौलियों को हटाकर लागत कम करती है। यह स्टार्टअप 2019 में यूनिकॉर्न बना था और इसे “सूनिकॉर्न” भी कहा जाता है। खबरों के मुताबिक, कंपनी लगभग 5.6 अरब डॉलर के अनुमानित वैल्यूएशन के साथ IPO की तैयारी कर रही है।
दस्तावेज में क्या लिखा है?
वहीं, इस बीच लेंसकार्ट के ऑफिस ड्रेस कोड से जुड़े एक नीति दस्तावेज के लीक होने से कंपनी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सिंदूर, जो विवाहित हिंदू महिलाओं की पहचान माना जाता है, के बारे में लेंसकार्ट के दस्तावेज में लिखा है, "सिंदूर लगाते समय उसे कम से कम लगाना चाहिए और वह माथे पर नहीं गिरना चाहिए। बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है।"
दस्तावेज में आगे लिखा है कि हिजाब की अनुमति तो है, लेकिन साथ ही मुस्लिम महिलाओं के लिए सिर पर पहनने वाले स्कार्फ के बारे में भी बताया गया है।
ऑनलाइन शेयर किए गए ड्रेस कोड दस्तावेज में लिखा है, "हिजाब/पगड़ी पहनते समय उसका रंग काला होना चाहिए। हिजाब से छाती का मध्यम भाग ढका होना चाहिए और लोगो को नहीं ढकना चाहिए। साथ ही स्टोर में बुर्का पहनना मना है।"
लीक दस्तावेज में लिखा है, "बिंदी/क्लचर की अनुमति नहीं है।" इसमें यह भी कहा गया है कि धार्मिक धागे या कलाई में पहने जाने वाले कलावा को हटा देना चाहिए।
लोगों ने पीयूष बंसल से पूछा सवाल
लेखिका और कार्यकर्ता शेफाली वैद्य ने लेंसकार्ट के फाउंडर को टैग करते हुए X पर लिखा, "हाय पीयूष बंसल, क्या आप कृपया स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट पर हिजाब की अनुमति है लेकिन बिंदी/कलावा की नहीं?"
हालांकि, पीयूष बंसल की प्रतिक्रिया से ऐसा लगता है कि लेंसकार्ट के पास पहले से ही इस तरह की ग्रूमिंग गाइड मौजूद थी।
लीक दस्तावेज हमारी मौजूदा नीतियों को नहीं दिखाता
बंसल ने X पर पोस्ट किया, “मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यह हमारी मौजूदा नीतियों को नहीं दर्शाता है... हमारी ग्रूमिंग पॉलिसी समय के साथ बदलती रही है और पुराने संस्करण आज हमारी पहचान को नहीं दिखाते हैं। इस स्थिति से हुई भ्रम और चिंता के लिए हम माफी चाहते हैं,”
बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट “बिंदी और तिलक सहित किसी भी प्रकार की धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाता है”। उन्होंने आगे कहा कि कंपनी नियमित रूप से अपने दिशानिर्देशों की समीक्षा करती रहती है।
बंसल, जो बिजनेस रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया में एक प्रमुख ‘शार्क’ हैं, उन्होंने कहा, “हमारे पास पूरे भारत में हजारों टीम सदस्य हैं जो हमारे स्टोर्स में हर दिन गर्व से अपने धर्म और संस्कृति के साथ काम करते हैं। वे ही लेंसकार्ट हैं।”
Lenskart से जुड़ा यह विवाद कंपनी के IPO के बाद मजबूत प्रदर्शन के बीच सामने आया है। इसके शेयर हाल ही में 547 रुपये तक पहुंच गए थे। दिसंबर तिमाही में Lenskart का मुनाफा लगभग 70 गुना बढ़ गया। फरवरी में समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुद्ध लाभ ₹1.31 अरब तक पहुंच गया, जो एक साल पहले सिर्फ ₹18.5 मिलियन था। वहीं, राजस्व में 38.8% की बढ़ोतरी हुई और यह 23.08 बिलियन रुपये तक पहुंच गया, जबकि खर्चों में 28% की बढ़ोतरी हुई।