BJP ने नेहरू को बताया 'कम्प्रोमाइज्ड PM', इंदिरा-सोनिया और राहुल गांधी को भी घेरा
Compromised PM Row: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार (25 फरवरी) को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने पूरे कार्यकाल में बार-बार देश की सीमाओं को लेकर समझौते किए। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर बीजेपी ने राहुल गांधी पर भी ताखा पलटवार किया है
Compromised PM Row: सरकार पर कांग्रेस के हमले की पृष्ठभूमि में बीजेपी ने विपक्षी दल पर पलटवार किया है
Compromised PM Row: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार (25 फरवरी) को कांग्रेस पार्टी पर उसके 'कम्प्रोमाइज्ड पीएम' (समझौता कर चुके प्रधानमंत्री) वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने पूरे कार्यकाल में बार-बार देश की सीमाओं को लेकर समझौते किए। साथ ही उन्होंने हमेशा के लिए उनका पुन: निर्धारण कर दिया। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर कांग्रेस के हमले की पृष्ठभूमि में बीजेपी ने विपक्षी दल पर पलटवार किया है।
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने हमेशा अपने हितों की रक्षा के लिए काम किया है। बीजेपी प्रमुख ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर चीन के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। बिहार दौरे पर पटना पहुंचे नितिन नवीन ने कहा, "नेहरू-गांधी परिवार के कॉम्प्रोमाइज की कहानी मैं आपसे साझा कर रहा हूं। एक समय था जब नेहरू जी ने खुद कहा था ये 45 करोड़ जनता देयता है। इतिहास गवाह है कि नेहरू जी का कार्यालय कैसे CIA एवं अन्य विदेशी एजेंसियों के लिए खुली किताब की तरह था।"
उन्होंने आगे कहा, "1954 में नेहरू जी ने किस प्रकार से बिना किसी रिवार्ड के तिब्बत में भारत के अधिकार को चीन को सौंप दिया ये हम जानते हैं। पंचशील की आड़ में किस प्रकार से अक्साई चीन का कब्जा मान लिया गया। यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में किस प्रकार से पत्र लिखकर चीन को स्थायी सदस्यता देने की वकालत की गई वो भी हमने देखा है... इंदिरा गांधी, जिन्होंने बड़ी छवि बनाई थी लेकिन हमें ध्यान है कि अमेरिकी राजदूत ने माना था कि CIA ने कांग्रेस को चुनाव में प्रचार करने के लिए पैसा दिया।"
शिमला समझौता को लेकर इंदिरा गांधी को घेरा
बीजेपी प्रमुख ने कहा, "शिमला समझौता के तहत 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को बिना कब्जा लिए हुए छोड़ देना। आखिर किस कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत ये किया गया? राजनीतिक रूप से कच्चातिवु जो श्रीलंका से है उसे किस प्रकार से श्रीलंका को दे देना इंदिरा गांधी के समझौता मिशन को दिखाता है... हम लोगों ने देखा कि भोपाल गैस कांड में हजारों भारतीयों के हत्यारे वारेन एंडरसन राजकीय विमान से सुरक्षित देश से बाहर करना।"
सोनिया-राहुल पर भी बोला हमला
नितिन नबीन ने यह भी कहा, "सोनिया गांधी ने अपने पूरे राजनीतिक कार्यकाल में, यानी 2004 से 2014 के बीच नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के माध्यम से 'सुपर प्रधानमंत्री' बनकर समानांतर सरकार और कैबिनेट का संचालन किया गया... राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन की सरकार और जॉर्ज सोरेस से फंडिंग करवाना... निश्चित रूप से ये उनके कॉम्प्रोमाइज मिशन की झलक को दिखाता है... राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं की हैं। लेकिन उससे आधे से अधिक यात्राओं की सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं देना आखिर किस कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत हो रहा था?"
'तिब्बत को टुकड़े-टुकड़े में गंवा दिया गया'
BJP प्रवक्ता अनिल बलूनी ने 'कम्प्रोमाइज्ड कांग्रेस' हैशटैग के साथ X पर लिखा, "प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू का पहला कर्तव्य: भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना।" उन्होंने आरोप लगाया, "इसके बजाय उन्होंने अपने पूरे शासनकाल में सीमाओं को लेकर समझौते किए। तिब्बत को टुकड़े-टुकड़े में गंवा दिया गया। अक्साई चिन को लेकर समझौता कर लिया गया। बेरुबारी को लेकर समझौता कर लिया गया। पंजाब के गांवों को लेकर समझौता कर लिया गया। रण के कच्छ को लेकर समझौता किया गया। और कश्मीर को लेकर भी करीब-करीब टुकड़ों में समझौता कर लिया गया।"
नेहरू ने बार-बार समझौता किया!
BJP सांसद ने दावा किया, "बार-बार समझौते। यह नेहरू का नेतृत्व था। एक व्यक्ति के समझौते करने की वजह से भारत का नक्शा हमेशा के लिए बदल गया।" बलूनी ने आरोप लगाया कि नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकारों को छोड़ दिया। उन्होंने दावा किया, "डाक, टेलीग्राफ और फोन सेवाएं चीन के सुपुर्द कर दी गईं। तिब्बत को चीन के क्षेत्र के रूप में पहचाना गया। माओ को पूरा बफर जोन मुफ्त में सौंप दिया गया।"
बीजेपी नेता ने कहा, "अक्साई चिन: चीन ने 1951 से सैन्य सड़क बनाना शुरू किया। तत्कालीन आईबी प्रमुख बीएन मलिक ने 1952 में नेहरू को आगाह किया था लेकिन उन्होंने पूरी तरह अनदेखी की। सड़क 1957 में बनकर तैयार हो गई। 1959 में नेहरू ने संसद में कहा: इन अफवाहों पर ध्यान मत दो। आठ साल का झूठ, जबकि भारत की जमीन को हथिया लिया गया।"
'कश्मीर में सार्वजनिक रूप से जनमत संग्रह'
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नेहरू ने मंत्रिमंडल की मंजूरी के बिना कश्मीर में सार्वजनिक रूप से जनमत संग्रह का ऐलान कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को एक स्थायी कूटनीतिक हथियार दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू ने 1960 में सारजा माजरा, रख हरदित सिंह, पठानके और फिरोजपुर के हिस्सों को पाकिस्तान को सौंप दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका समझौते के खिलाफ मंगलवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने एपस्टीन फाइल्स जारी होने की धमकियों के बाहरी दबाव में समझौते को मंजूरी दी।