TMC पार्षद को फांसी देने की मांग को लेकर BJP का प्रदर्शन, 81 साल के बुज़ुर्ग की मौत से गरमाई बंगाल की सियासत!

परिवार का आरोप है कि इलाके में अवैध निर्माण का विरोध करने पर पार्षद नाराज़ हो गए थे। इसी विवाद के दौरान पहले गाली-गलौज हुई, फिर बुज़ुर्ग आदमी को धक्का दिया गया और लात मारी गई। परिवार का कहना है कि लात लगने से वह गिर पड़े और कुछ देर बाद उनकी हालत बिगड़ गई, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया

अपडेटेड Feb 09, 2026 पर 7:24 PM
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TMC पार्षद को फांसी देने की मांग को लेकर BJP का प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में एक बुज़ुर्ग आदमी के मौत के बाद राज्य की राजनीति फिर गरमा गई है। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के पार्षद रवींद्रनाथ भट्टाचार्य की लात लगने से 81 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इसी घटना को लेकर सोमवार (9 फरवरी) को इलाके में BJP द्वारा भारी प्रदर्शन किया गया। इस मामले के विरोध में बैरकपुर के बीटी रोड पर भाजपा ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व सांसद अर्जुन सिंह की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोपी पार्षद को फांसी देने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल की तैनाती रही और भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने के लिए, पुलिस को कई जगहों पर बैरिकेडिंग करनी पड़ी। जिससे उन्हें कोर्ट तक जाने से रोका गया। अंततः आरोपी तृणमूल पार्षद को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया गया। बता दे कि पुलिस ने उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है और सात दिन की पुलिस हिरासत की मांग की है।

वहीं, इन मुद्दों पर मृतक के परिवार ने भावुक बयान दिया है। परिवार का आरोप है कि इलाके में अवैध निर्माण का विरोध करने पर पार्षद नाराज़ हो गए थे। इसी विवाद के दौरान पहले गाली-गलौज हुई, फिर बुज़ुर्ग आदमी को धक्का दिया गया और लात मारी गई। परिवार का कहना है कि लात लगने से वह गिर पड़े और कुछ देर बाद उनकी हालत बिगड़ गई, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


मीडिया से बात करते हुए मृत आदमी के बेटे ने बताया, "हमारा सिर्फ इतना कसूर था कि हमने अवैध निर्माण की शिकायत की थी। पार्षद का अहंकार आहत हो गया और उन्होंने मेरे बूढ़े पिता से बदसलूकी की। मेरे पिता 81 साल के थे।"

बता दे कि भाजपा ने इस घटना को राजनीतिक गुंडागर्दी करार दिया है। अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सत्ताधारी पार्टी के लोग खुलेआम हिंसा कर रहे हैं।

वहीं इस मुद्दे पर तृणमूल ने भी पलटवार किया है। TMC के राज्य उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा, "कानून का पालन होगा। तृणमूल कांग्रेस किसी भी एंटी-सोशल काम या लोगों के खिलाफ किसी भी काम के लिए ज़ीरो टॉलरेंस रखती है।" साथ ही अर्जुन सिंह पर पलटवार किया और कहा, "वे खुद एक क्रिमिनल है, एंटी-सोशल है। वह गिरफ्तारी के लिए कोर्ट जा रहा, यह अजीब है। उसके खिलाफ सबसे ज्यादा केस हैं। मर्डर चार्ज, बम धमाके, गुंडागर्दी, हर तरह की चीजें हैं।"

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल के नेताओं का रवैया लगातार आक्रामक होता जा रहा है। दूसरी ओर, तृणमूल पर पहले से ही हिंसा और दबंगई के आरोप लगते रहे हैं।

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