उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या महाराष्ट्र में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सीनियर और जूनियर पवार भी एक साथ आएंगे। यह चर्चा तब तेज हो गई जब NCP (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी अजित पवार से बातचीत कर रही है और दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी बातचीत हुई है।
सुप्रिया सुले ने कहा, “हम सभी तरह के गठबंधनों पर विचार कर रहे हैं। अजित पवार लगातार कहते हैं कि उन्होंने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी है। फिलहाल ध्यान BMC चुनावों पर है। हमारे कई साथी आपस में बात कर चुके हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा, “बातचीत चल रही है, लेकिन अभी कोई फैसला या अंतिम प्रस्ताव नहीं आया है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अगले महीने नगर निगम चुनाव होने की संभावना है। इसी वजह से सभी राजनीतिक दल अलग-अलग गठबंधन विकल्पों पर काम कर रहे हैं। बीजेपी ने पुणे नगर निगम (PMC) और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। ऐसे में अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP, पुणे जिले की इन दोनों नगर निगमों में वरिष्ठ पवार की पार्टी के साथ गठबंधन पर विचार कर रही है।
शरद पवार की बनाई गई NCP का 2023 में विभाजन हो गया था। अजित पवार गुट न सिर्फ राज्य सरकार में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में शामिल हुआ, बल्कि चुनाव आयोग के फैसले के बाद उसे “असली एनसीपी” का दर्जा भी मिला।
इसके बाद से NCP (शरद पवार गुट) अलग-अलग चुनावों और सामाजिक मुद्दों पर NCP (अजित पवार गुट) के खिलाफ चुनाव लड़ती रही है।
2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में अजित पवार की एनसीपी ने अच्छा प्रदर्शन किया। लोकसभा चुनावों में जहां उसे सिर्फ छह विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली थी, वहीं विधानसभा चुनाव में उसके 41 विधायक चुने गए। इस दौरान उसने वरिष्ठ पवार गुट के उम्मीदवारों को 27 आमने-सामने की सीटों पर हराया, जबकि वरिष्ठ पवार गुट केवल सात सीटें जीत सका।
2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने कुल 235 सीटें जीतीं। इनमें बीजेपी को 132, शिवसेना को 57 और एनसीपी (अजित पवार गुट) को 41 सीटें मिलीं। वहीं महाविकास आघाड़ी को बड़ा नुकसान हुआ-शिवसेना (यूबीटी) को 20, कांग्रेस को 16 और एनसीपी (शरद पवार गुट) को केवल 10 सीटें मिलीं।