BMC Mayor Lottery: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और 28 अन्य नगर निकायों के मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) मेयर का पद भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलेगा या एकनाथ शिंदे की शिवसेना को, इसके लिए लॉटरी की तारीख की भी घोषणा कर दी गई है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुंबई मेयर पद किस कैटेगरी में जाएगा इसका फैसला 22 जनवरी को लॉटरी के जरिए होगा।
शहरी विकास विभाग ने सोमवार (19 जनवरी) को एक आदेश जारी कर कहा है कि यह काम लॉटरी के जरिए राज्य सचिवालय (मंत्रालय) में होगा। इस बीच, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) द्वारा देवेंद्र फडणवीस की BJP को समर्थन देने की भी चर्चा है।
मुंबई के साथ महाराष्ट्र की सभी 29 महानगरपालिकाओं में मेयर पद के लिए आरक्षण लॉटरी गुरुवार, 22 जनवरी को होगी। यह प्रक्रिया सुबह 11 बजे मंत्रालय के काउंसिल चैंबर में होगी। आरक्षण की घोषणा के बाद ही उम्मीदवारों का फैसला किया जा सकेगा। अब तक मेयर पदों के लिए आरक्षण अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिलाओं और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए रोटेशन के आधार पर तय किया जाता था।
लेकिन, News18 मराठी के सूत्रों के अनुसार, इस बार नियमों में बदलाव करके इस आरक्षण को सर्कुलर तरीके से शुरू किया जा सकता है। इसका मतलब है कि इस बात की पूरी संभावना है कि आरक्षण का यह चक्र फिर से 'ओपन कैटेगरी' से शुरू होगा। रोटेशन के पीछे का मकसद हर कैटेगरी को प्रतिनिधित्व देना है। अगर आरक्षण को खत्म करके फिर से 'ओपन' से शुरू किया जाता है, तो कई जाने-माने नेताओं को मेयर का पद मिल सकता है।
ऐसे होता है मेयर का चुनाव
महाराष्ट्र में मेयरों का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है। यह पद रोटेशन के आधार पर आरक्षण के अधीन होता है। लॉटरी के माध्यम से यह निर्धारित किया जाता है कि मेयर का पद किस कैटेगरी के लिए आरक्षित होगा। जैसे सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और ओबीसी कैटेगरी इत्यादी। कैटेगरी की घोषणा होने के बाद, पात्र उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल करते हैं।
इसके बाद, नगर निकायों के निर्वाचित पार्षदों की एक विशेष बैठक में चुनाव आयोजित किया जाता है। सदन की कुल सदस्य संख्या के आधे से अधिक मत हासिल करने वाला उम्मीदवार मेयर निर्वाचित होता है। किसी भी सिगल पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने की स्थिति में गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुंबई में वोटिंग पारंपरिक रूप से BMC हाउस में "हाथ उठाकर" होती है।
चुने जाने के लिए उम्मीदवार को साधारण बहुमत (कम से कम 114 वोट) हासिल करना होता है। मुंबई मेयर का चुनाव 2.5 साल के कार्यकाल के लिए होता है। मेयर मुंबई का औपचारिक प्रमुख और "पहला नागरिक" होता है। लेकिन कार्यकारी शक्तियां म्युनिसिपल कमिश्नर के पास होती हैं, जो एक IAS अधिकारी होता है।
2026 में पहली बार 10 नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटर (2023 में पांच से बढ़कर) भी हाउस में हिस्सा लेंगे, जिससे नतीजे पर असर पड़ सकता है। लॉटरी में चुनी गई कैटेगरी के कॉर्पोरेटर ही इस पद के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल कर सकते हैं।
मुंबई में 15 जनवरी को हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। BJP ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कुल 227 सीटों में से 89 सीटों पर जीत हासिल की है। करीब 30 वर्षों के बाद भगवा पार्टी ने ठाकरे परिवार से देश के सबसे अमीर नगर निकाय का कंट्रोल छीन लिया है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें हासिल की हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीएमसी चुनाव परिणाम आने के बाद नए राजनीतिक समीकरण की खबरों को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि मुंबई में 'महायुति' का मेयर होगा। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिंदे शिवसेना के लिए बीएमसी महापौर का पद कम से कम पहले ढाई साल के लिए सुनिश्चित करना चाहते हैं, क्योंकि यह पार्टी के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष है।