मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों में इस बार जबरदस्त उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां हर राउंड की गिनती के साथ समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। शुरुआती रुझानों में जहां BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बढ़त बनाई है, वहीं ठाकरे गुट और MNS के लिए राह थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है। इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर वॉर्ड नंबर 73 में हुआ, जहां शिंदे गुट के सांसद रवींद्र वायकर की बेटी दीप्ति वायकर पोतनीस को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
दीप्ति को शिवसेना (ठाकरे गुट) के उम्मीदवार लोना राजेंद्रसिंह रावत ने पटखनी दी। वायकर परिवार के लिए यह राजनीतिक रूप से एक बड़ा झटका है, क्योंकि लोकसभा चुनाव में रवींद्र वायकर की मामूली जीत के बाद, पहले उनकी पत्नी विधानसभा चुनाव हार गईं और अब उनकी बेटी BMC चुनाव भी हार गई हैं।
जोगेश्वरी पूर्व के इस इलाके को ठाकरे गुट का मजबूत गढ़ माना जाता है और यहां के मतदाताओं ने एक बार फिर उसी पर अपना भरोसा जताया है।
वार्ड 183 में भी हुआ बड़ा उलट फेर
इसके साथ ही, वॉर्ड नंबर 183 में भी एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है, जहां पूर्व सांसद राहुल शेवाळे की भाभी वैशाली शेवाले चुनाव हार गई हैं। उन्हें कांग्रेस की उम्मीदवार आशा काले ने 1450 वोटों के अंतर से शिकस्त दी।
वैशाली शेवाळे पहले भी नगरसेविका रह चुकी हैं, इसलिए उनकी यह हार शेवाले परिवार और शिंदे गुट के लिए काफी चौंकाने वाली है। इसी वॉर्ड से ठाकरे गुट और MNS की उम्मीदवार पारुबाई कटके को भी हार का स्वाद चखना पड़ा है।
कुल मिलाकर, ये नतीजे साफ कर रहे हैं कि मुंबई की जनता ने इस बार बड़े सियासी चेहरों और उनके परिवारों के बजाय स्थानीय समीकरणों और मुद्दों को तरजीह दी है।