TMC नेता के होटल में बनाए जा रहे थे बम! पुलिस ने सात को किया गिरफ्तार...गरमाई सियासत

जानकारी के मुताबिक, बोलपुर में तृणमूल नेता और तृणमूल पार्षद के पति बाबू दास के होटल में पुलिस ने देर रात छापेमारी की। यह कार्रवाई SDPO रिकी अग्रवाल की अगुवाई में की गई। तलाशी अभियान के दौरान होटल परिसर से एक जिंदा बम और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से सात लोगों को गिरफ्तार भी किया है

अपडेटेड Feb 22, 2026 पर 7:17 PM
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति एक बार फिर हिंसक घटनाओं से गरमा गई है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति एक बार फिर हिंसक घटनाओं से गरमा गई है। तृणमूल नेताओं के कार पर बम फेंकने की घटनाएं भी सामने आई है। इसी बीच तृणमूल नेता के होटल से बम बनाने का सामान बरामद होने का मामला सामने आया है। दअरसल, यह मामला बोलपुर का है, जहां एक तृणमूल नेता के होटल से बम और बम बनाने का सामान बरामद किया गया है।

होटल से मिला बम 

जानकारी के मुताबिक, बोलपुर में तृणमूल नेता और तृणमूल पार्षद के पति बाबू दास के होटल में पुलिस ने देर रात छापेमारी की। यह कार्रवाई SDPO रिकी अग्रवाल की अगुवाई में की गई। तलाशी अभियान के दौरान होटल परिसर से एक जिंदा बम और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से सात लोगों को गिरफ्तार भी किया है। बताया जा रहा है कि इसी होटल में TMC नेता का ऑफिस भी है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद बम को बम स्क्वॉड की मदद से निष्क्रिय किया गया। पूरे मामले में एक विशेष केस दर्ज किया गया है और जांच अधिकारी (IO) नियुक्त कर दिया गया है, जो यह पता लगाएंगे कि बम वहां कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गरमाई सियासत

हालांकि, इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव से पहले डर का माहौल बनाने के लिए बमों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। उनका कहना है कि पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान कई इलाकों में बम और बारूद बरामद हुए थे, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बनता है। विपक्ष का आरोप है कि इस तरह की गतिविधियों का मकसद राजनीतिक विरोधियों को दबाना हो सकता है।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

बता दें कि बीते दिन देर रात TMC के दो नेताओं, खैरुल इस्लाम और शौकत मोल्ला की कार पर बम फेंकने की घटना सामने आई है। इसके बाद शौकत मोल्ला ने पोलरहाट थाने में ISF पर इस घटना के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, ISF ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए TMC पर साजिश रचने का आरोप लगाया। इस पूरे मामले पर ISF अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि, "TMC अपनी ही पार्टी के लोगों से ऐसी घटनाएं करवा रही है, ताकि यह दिखाया जा सके कि उनकी सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब अपनी छवि चमकाने और मीडिया में बने रहने के लिए किया जा रहा है।"

चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। बोलपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में बम बरामदगी की खबर से सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, कानून-व्यवस्था का मुद्दा और ज्यादा प्रमुख हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। लेकिन इतना साफ है कि बंगाल चुनाव से पहले बारूद की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

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