इस एक घटना पर दुनिया भर में मची अफरा-तफरी, Airbus में आई ऐसी गड़बड़ी, फ्लाइट कैंसल का बढ़ा डर

अगर आप कहीं हवाई सफर पर निकलने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाएं। इसकी वजह ये है कि यूरोप से एक ऐसा निर्देश जारी हुआ है, उसके चलते दुनिया भर में फ्लाइट के कैंसल होने और टाइमिंग में बदलाव जैसी चीजें हो सकती हैं। इंडिगो (Indigo) और एयर इंडिया (Air India) ने तो एडवायजरी भी जारी कर दी है। जानिए यूरोप से क्या आदेश जारी हुआ है जो ऐसी अफरा-तफरी मच गई और क्यों ऐसा आदेश जारी हुआ है?

अपडेटेड Nov 29, 2025 पर 10:29 AM
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EASA के निर्देशों के चलते दुनिया भर में सैकड़ों A320 विमानों को एक साथ ग्राउंड करना पड़ेगा जिससे एयरलाइंस के फ्लाइट शेड्यूल पर व्यापक असर पड़ेगा। (File Photo- Pexels)

दुनिया भर में हवाई सफर बड़े पैमाने पर दिक्कतों का सामना करने वाली है। इसकी वजह ये है कि यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने Airbus A320 फैमिली के लिए इमरजेंसी एयरवर्थिनेस डायरेक्टिव (EAD) जारी किया है। यह निर्देश फ्लाइट कंट्रोल से जुड़े संभावित खतरों को लेकर दिया गया है। अब इसके चलते प्रभावित विमानों को तुरंत ग्राउंड कर उनकी मरम्मत करना जरूरी हो गया है। EASA ने यह डायरेक्टिव तब जारी किया है, जब एयरबस ने कहा कि तेज सोलर रेडिएशन से फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए जरूरी डेटा खराब हो सकता है, जिससे अभी उड़ान भर रहे A320 फैमिली का एक बड़ा हिस्से प्रभावित हो सकता है।

क्या है पूरा मामला?

EASA ने Airbus A320 को लेकर डायरेक्टिव एक घटना के बाद जारी किया है। अभी हाल ही में एक उड़ान के दौरान ए320 विमान ने बिना कमांड के हल्का-सा पिच डाउन कर दिया। जहाज का ऑटोपायलट चालू था और थोड़ी देर के लिए इसकी ऊंचाई थोड़ी कम हो गई लेकिन इसके बाद उड़ान सामान्य रूप से जारी रही। एयरबस की शुरुआती जांच में एलीवेटर एइलरॉन कंप्यूटर (Elevator Aileron Computer- ELAC) में खराबी का संकेत मिला। यह एक अहम फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर है जो जहाज के एलिवेटर और एइलरॉन को नियंत्रित करता है। अब EASA ने चेतावनी दी कि अगर इस खराबी को ठीक नहीं किया गया तो खराब स्थिति में मनमानी एलिवेटर मूवमेंट हो सकता है और जहाज की स्ट्रक्चरल लिमिट से अधिक हो सकता है।


EASA के निर्देशों के बाद होने वाले बदलाव

अगले उड़ान से पहले सभी प्रभावित ELAC यूनिट्स को बदलना या सुधार करना अनिवार्य हो गया है। जो ELAC यूनिट्स प्रभावित हो चुके हैं यानी एरर दिखा चुके हैं, उन्हें अब किसी भी जहाज में दोबारा लगाने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही सिर्फ बिना यात्रियों वाले जहाज को ही (अधिकतम 3 फ्लाइट साइकल्स, नॉन स्टॉप) मेंटेनेंस बेस तक तक उड़ान की मंजूरी दी जाएगी।

क्या होगा यात्रियों पर असर?

EASA के निर्देशों के चलते दुनिया भर में सैकड़ों A320 विमानों को एक साथ ग्राउंड करना पड़ेगा जिससे एयरलाइंस के फ्लाइट शेड्यूल पर व्यापक असर पड़ेगा। चूंकि एयरबस320 का इस्तेमाल दुनिया भर में अधिकतर नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट में इस्तेमल होता है तो इसके चलते अब उड़ानों में देरी, उड़ान रद्द होने, जहाज में बदलाव, अधिक टर्नअराउंड समय जैसी दिक्कतें यात्रियों को झेलनी पड़ सकती है।

भारतीय विमानन कंपनी इंडिगो का कहना है कि कुछ उड़ानों के शेड्यूल में हल्का बदलाव हो सकता है। इंडिगो ने यात्रियों को सफर पर निकलने से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने की सलाह दी। एयर इंडिया ने तो एडवायजरी जारी की है। एक तो Hayli Gubbi ज्वालामुखी विस्फोट के पास से गुजरे जहाजों की जांच के लिए 24–25 नवंबर की कई उड़ानें रद्द की गई है तो दूसरा ये कि EASA के निर्देशों से टर्नअराउंड टाइम बढ़ेगा तो सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर रीएलाइनमेंट के कारण कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है।

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