सुवेंदु आधिकारी के गढ़ नंदीग्राम में सेंध! सुजीत रॉय का दावा अब तक 500 BJP कार्यकर्ता पार्टी छोड़ TMC हुए शामिल

तृणमूल जिला अध्यक्ष सुजीत रॉय ने कहा कि वे पिछले सात महीनों से नंदीग्राम क्षेत्र के प्रभारी हैं और इस दौरान उन्होंने इसी सभागार में तीन बार बैठकें की हैं। उनका मानना है कि हर बैठक में कार्यकर्ता भाजपा छोड़कर तृणमूल में आते है, और यह संख्या बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि, "अब तक लगभग 500 भाजपा कार्यकर्ता तृणमूल में शामिल हो चुके हैं

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 4:19 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
सुवेंदु आधिकारी के गढ़ नंदीग्राम में TCM ने लगाई सेंध!

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही दल बदल की राजनीति भी तेज होती जा रही है। चुनाव से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना बंगाल की राजनीति में नया नहीं है। ऐसा ही नजारा इस समय विपक्षी नेता सुवेंदु आधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम में देखने को मिल रहा है।

दरअसल, रविवार (28 दिसंबर) की शाम नंदीग्राम-2 ब्लॉक के सामुदायिक सभागार में तृणमूल कांग्रेस का एक संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम खोदंबरी-2 क्षेत्र का था, जिसमें तामलुक संगठनात्मक जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष सुजीत रॉय मौजूद थे। इसी मंच से भाजपा छोड़कर तृणमूल में शामिल होने की खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 40 पुराने भाजपा कार्यकर्ता पार्टी में शामिल हुए।

तृणमूल जिला अध्यक्ष सुजीत रॉय ने कहा कि वे पिछले सात महीनों से नंदीग्राम क्षेत्र के प्रभारी हैं और इस दौरान उन्होंने इसी सभागार में तीन बार बैठकें की हैं। उनका मानना है कि हर बैठक में कार्यकर्ता भाजपा छोड़कर तृणमूल में आते है, और यह संख्या बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि, "अब तक लगभग 500 भाजपा कार्यकर्ता तृणमूल में शामिल हो चुके हैं।" सुजीत रॉय का कहना है कि भाजपा में पुराने कार्यकर्ताओं को न तो सम्मान मिल रहा है और न ही संगठन में उनकी कोई सुनवाई हो रही है, इसी वजह से वे तृणमूल की ओर रुख कर रहे हैं।


वहीं, तृणमूल में शामिल हुए कार्यकर्ता ने कहा कि, "भाजपा ने विकास के बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नजर नहीं आया।" उन्होंने यह भी कहा कि पहले वे तृणमूल में थे, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें निराशा हाथ लगी। इसी कारण उन्होंने दोबारा तृणमूल में लौटने का फैसला किया।

हालांकि, भाजपा ने तृणमूल के इन दावों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जो लोग तृणमूल में शामिल हुए हैं, वे असल में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता नहीं थे। भाजपा नंदीग्राम मंडल-4 के अध्यक्ष सौमित्र डे ने कहा, "ये लोग भाजपा कार्यकर्ता नहीं थे। ये वो लोग थे जो पहले तृणमूल के उम्मीदवार थे और चुनाव हारने के बाद भाजपा में आए थे। और अब फिर से वे तृणमूल में लौट गए हैं। इसलिए इसे भाजपा की कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।"

नंदीग्राम में इस दल-बदल के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। एक ओर तृणमूल इसे अपनी बड़ी मजबूती बता रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे हलके अंदाज़ में ले रही है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।