Tamil Nadu News: तमिलनाडु में नाबालिगों के बीच शराब सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से विजय सरकार ने शराब की खरीद और सेवन के लिए 21 वर्ष की कानूनी आयु सीमा की अनिवार्यता को दोहराया है। सरकार ने राज्य भर में शराब की 717 दुकानों को बंद करने का भी आदेश दिया है। नए निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। शराब की बिक्री पर एकाधिकार रखने वाली सरकारी एजेंसी तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) पूजा स्थलों के पास स्थित 276 दुकानों, स्कूलों के पास की 186 दुकानों और बस अड्डों के पास स्थित 255 दुकानों को बंद करेगी।
टासमैक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार (14 मई) को कहा कि शराब की दुकानों के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उन सभी ग्राहकों के पहचान प्रमाण की जांच करें जिनकी उम्र संदिग्ध लगती है। पहचान प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।
अधिकारी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार दुकानों के संचालन के घंटों में कटौती करने पर विचार कर रही है। वर्तमान में राज्य भर में शराब की दुकानें दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुलती हैं। उन्होंने कहा, "दुकानें बंद होने का समय घटाकर रात आठ बजे करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।"
वर्तमान में, टासमैक पूरे राज्य में कुल 4,765 शराब की दुकानों का संचालन करता है। 717 दुकानों के बंद होने के बाद यह संख्या घटकर 4,048 रह जाएगी। साल 2025 में राज्य में शराब की बिक्री से प्राप्त राजस्व 48,344 करोड़ रुपये रहा, जो रजिस्ट्रेशन विभाग के बाद दूसरा सबसे अधिक रेवेन्यू है।
तमिलनाडु में महिलाओं और कुछ राजनीतिक दलों द्वारा पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने मंगलवार को राज्यभर में सरकारी स्वामित्व वाली 717 खुदरा शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया। इनमें पूजा स्थलों के पास स्थित 276 दुकानें भी शामिल हैं।
DMK ने जहां इस कदम को प्रचार पहल बताकर मजाक उड़ाया। वहीं, शराबबंदी की प्रबल समर्थक पीएमके ने न केवल विजय की घोषणा का स्वागत किया। बल्कि राज्य में धीरे-धीरे शराबबंदी लागू करने का समर्थन भी किया।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद केंद्र को लिखे अपने पहले पत्र में विजय ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी और मछुआरों एवं नावों की स्वदेश वापसी के भावनात्मक मुद्दे को उठाया।
इसके अलावा, जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने अपने कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पट्टाली मक्कल काची के अलावा राज्य में महिलाओं की ओर से शराब की दुकानों को बंद करने की मांग रही है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह कदम लोगों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। बयान के अनुसार, इसके तहत अगले दो हफ्तों के भीतर पूजा स्थलों के पास स्थित 276 दुकानें, शैक्षणिक संस्थानों के पास स्थित 186 दुकानें और बस अड्डों के पास मौजूद 255 दुकानें बंद कर दी जाएंगी।
इसके जवाब में द्रमुक के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने दावा किया कि टीएएसएमएसी द्वारा संचालित दुकानें धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के बाहर मौजूद नहीं हैं। पीएमके नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने इस कदम का स्वागत किया और शराबबंदी लागू करने की मांग की।
तमिलनाडु में शराब की बिक्री सरकार के राजस्व के प्रमुख स्रोतों में से एक है। TASMAC यानी तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन राज्य भर में शराब की 4,765 खुदरा दुकानों का संचालन करता है। वर्ष 2025 में तमिलनाडु में शराब की बिक्री से राजस्व 48,344 करोड़ रुपये था। टीएएसएमएसी विदेशों से आयातित शराब के 551 ब्रांड बेचता है, जिनमें लाइसेंस प्राप्त खुदरा दुकानों के माध्यम से बेची जाने वाली वाइन के 223 ब्रांड शामिल हैं।