Brij Bhushan Case Verdict: यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी, महिला पहलवानों ने लगाए थे गंभीर आरोप

Brij Bhushan Sharan Singh Case Verdict: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार तीन अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में बरी कर दिया। महिला पहलवानों ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व प्रमुख पर कई गंभीर आरोप लगाए थे

अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 11:15 AM
Brij Bhushan Case Verdict: यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह को दिल्ली की एक अदालत ने बरी कर दिया है

Brij Bhushan Case Verdict: महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व प्रमुख और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी कर दिया।

बरी होने के तुरंत बाद 69 वर्षीय बीजेपी नेता ने कहा कि जिस दिन मुझ पर आरोप लगा था, मैंने कहा था कि अगर आरोप साबित हो गया तो मैं खुशी-खुशी फांसी लगा लूंगा। पूर्व सांसद ने कहा कि आज कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया है और सम्मानजनक रूप से बरी शब्द का इस्तेमाल किया है। जो हुआ, सो हुआ।

राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने यह ऑर्डर पास किया। 'बार एंड बेंच' के मुताबिक, इस केस में को-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी कर दिया गया है। यह केस छह महिला पहलवानों द्वारा सिंह के खिलाफ लगाए गए सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोपों से जुड़ा है। उनकी शिकायतों के आधार पर, पुलिस ने MP के खिलाफ FIR दर्ज की थी।


पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट

15 जून, 2023 को पुलिस ने सिंह के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 354 (शील भंग करना), 354A (सेक्सुअली रंगीन कमेंट्स), 354D (पीछा करना) और 506(1) (क्रिमिनल इंटिमिडेशन) के तहत चार्जशीट फाइल की। ट्रायल कोर्ट ने 10 मई, 2024 को सिंह के खिलाफ पांच महिला पहलवानों को परेशान करने के लिए सेक्सुअल हैरेसमेंट और महिलाओं की इज्जत खराब करने के आरोप तय किए थे।

यह माना गया कि IPC की धारा 354 और 354A के तहत सजा वाले अपराधों के लिए सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर काफी सबूत मौजूद थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि दो पहलवानों के संबंध में IPC की धारा 506(1) (क्रिमिनल धमकी) के तहत सज़ा वाले अपराध के लिए सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए काफी सबूत मौजूद थे।

बरी होने के बाद बीजेपी नेता का आया पहला बयान

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने पर ब्रजभूषण सिंह ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "सबसे पहले कोर्ट ने कहा कि ब्रजभूषण सिंह और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले दिन ही कहा था कि अगर कोई भी आरोप साबित हो जाएगा तो मैं स्वयं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया, मेरी लिए और मेरे समर्थकों के लिए प्रसन्नता का विषय है।"

सह-आरोपी विनोद तोमर भी बरी

कोर्ट ने सह-आरोपी विनोद तोमर (जो WFI के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी हैं) पर भी पीड़ितों में से एक को धमकाने के लिए क्रिमिनल धमकी के आरोप लगाए। एक नाबालिग पहलवान ने भी सिंह के खिलाफ आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली।

दिल्ली पुलिस ने उस मामले में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (POCSO एक्ट) के तहत कैंसलेशन रिपोर्ट फाइल की थी। ​​बाद में केस बंद कर दिया गया। बृज भूषण शरण सिंह के लिए दिल्ली कोर्ट का आदेश काफी मायने रखता है। मामले की सुनवाई के दौरान महिला पहलवानों की तरफ से ठोस सबूत नहीं दिए जा सके। यह वही मामला है जिसको लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर कुछ महिला पहलवानों ने लंबा प्रदर्शन किया था।

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