Dehradun Attack: त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा, जिनकी कथित तौर पर नस्लभेदी कैंटीन झड़प में घायल होने के कुछ हफ्तों बाद मृत्यु हो गई, के पिता तरुण चाकमा ने कहा कि उनके बेटे पर देहरादून में चाकू से "क्रूरतापूर्वक हमला" किया गया था, यह हमला तब हुआ जब एंजेल ने अपने भाई का बचाव किया, क्योंकि हमलावरों ने उस पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए उसे “चीनी” कहकर अपमानित करने का प्रयास किया था।
बीएसएफ के जवान तरुण चकमा, जो वर्तमान में मणिपुर के तंगजेंग में तैनात हैं, ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि उनके बेटों को नस्लीय गालियां दी गईं, जबकि उनके बेटे ने हमलावरों से कहा था कि वह "भारतीय है, चीनी नहीं"। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देहरादून पुलिस ने शुरू में हमले की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की और ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट्स यूनियन और वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव के बाद ही FIR दर्ज की।
बता दें कि तरुण चकमा के बेटे एंजेल चकमा का शुक्रवार को 17 दिनों तक जीवन-मरण के संघर्ष के बाद निधन हो गया। उनके पिता ने बताया कि वह देहरादून के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में MBA के छात्र थे और उन्हें नौकरी भी मिल गई थी।
हमले के दौरान बेटे की गर्दन टूट गई
बीएसएफ जवान ने कहा कि उनके बेटे को न्याय मिलना चाहिए और उसकी असमय मृत्यु के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि, "हमले के दौरान एंजेल की गर्दन टूट गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।"
तरुण ने घटना का ब्यौरा देते हुए बताया कि एंजेल और उसका भाई माइकल बाजार में थे, तभी एक बाइक और एक स्कूटर पर सवार छह लोग उनके पास आकर रुके। एंजेल अपनी बाइक पर था, तभी आरोपियों ने पास खड़े माइकल को कुछ कहा और उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद एंजेल अपने भाई के बचाव के लिए आगे आया। पिता तरुण के मुताबिक, आरोपियों ने उसे गालियां दीं।
तरुण ने बताया कि अपने बेटों को नस्लीय गालियां देने के बाद आरोपियों ने एंजेल पर चाकू और अन्य नुकीली चीजों से बेरहमी से हमला किया, जिससे उसकी गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें आईं।
हालांकि, देहरादून SSP अजय सिंह ने शनिवार को बताया कि आरोपियों के बीच चल रही कहासुनी के दौरान हुई हाथापाई झड़प में आरोपी आपस में कुछ बोल रहे थे। उन्होंने कहा, "ऐसा लग रहा था जैसे कोई एंजेल पर टिप्पणी कर रहा हो।"
झगड़े के दौरान एंजेल पर धारदार हथियारों और कड़े से हमला किया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, एंजेल की शुक्रवार को मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि 10 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और 14 दिसंबर को तीन आरोपियों और दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया गया।