गंगा नदी की अविरल और निर्मल धारा को अक्षुण्ण बनाए रखने और हिमालय की नाजुक पारिस्थितिकी की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। असल में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम ऐफिडेविट दाखिल किया है। सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया है कि उत्तराखंड में गंगा नदी के ऊपरी हिस्से यानी अलकनंदा-भगीरथी बेसिन में अब किसी भी नए हाइड्रोइलेक्ट्रिक (जल विद्युत) प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी जाएगी। सरकार का यह फैसला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि उसने अदालत द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल की उन सिफारिशों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें 28 नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई थी। आइए इस मामले को पूरे विस्तार से समझते हैं-
